कुशीनगर में पिछले साल 17 मार्च को हो गया था लॉकडाउन
कसया (कुशीनगर)। कोरोना संकट के चलते देश भर में भले ही 24 मार्च से लॉकडाउन किया गया हो, लेकिन कुशीनगर में एक सप्ताह पहले 17 मार्च को ही मंदिर क्षेत्र में लॉकडाउन कर दिया गया था। प्रमुख मंदिरों के गेट पर ताला बंद करा दिया गया था। दर्शन करने आए विदेशी पर्यटकों को भी वापस भेजा गया था।
कुशीनगर में नवंबर से मार्च तक विदेशी पर्यटक आते हैं। सबसे अधिक पर्यटक श्रीलंका, म्यांमार, दक्षिण कोरिया आदि से आते हैं। कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते बीते वर्ष 17 मार्च को ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने कुशीनगर स्थित संरक्षित स्थलों पर आवागमन बंद कर दिया था। प्रदेश के संस्कृति विभाग की तरफ से संचालित राजकीय बौद्ध संग्रहालय को भी बंद करा दिया गया था। कुशीनगर के पर्यटक कार्यालय को विदेशी पर्यटकों की जांच के लिए केंद्र बना दिया गया था। चाइना मंदिर में आई चिली देश की महिला पर्यटक को काफी मशक्कत उठानी पड़ी थी। दोनों देशों के दूतावासों से बातचीत के बाद महिला को वापस उसके देश भेजा गया था। थाई मंदिर में फंसे थाईलैंड के बौद्ध अनुयायियों को सात बसों से बोधगया और फिर कोलकाता से थाईलैंड भेजा गया था। कुशीनगर महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर, रामाभार स्तूप को विदेशी ही नहीं स्थानीय पर्यटकों के लिए भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। इससे पर्यटन व्यवसाय को काफी नुकसान हुआ। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी कुशीनगर में अब भी पर्यटकों का आवागमन सामान्य नहीं हो सका है।