स्टेशन पर धूप में बैठे यात्री। संवाद
तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर छह नियमित और पांच स्पेशल ट्रेनों का संचालन हो रहा है, लेकिन तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। हालत यह है कि पेयजल, शौचालय और यात्री शेड सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। कस्बा के व्यापारियों ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को मांग पत्र भेज कर स्टेशन पर यात्री सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। तमकुहीरोड यूपी बिहार बार्डर का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यहां गोमतीनगर एक्सप्रेस व पाटलीपुत्र मेल पैसेंजर ट्रेन के साथ इस रूट से चलने वाली छह नियमित ट्रेनों का ठहराव होता है। इसके अलावा छपरा-आनंद विहार टर्मिनल, छपरा-अमृतसर, लालकुआं- कोलकाता, छपरा- शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर), छपरा-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस सहित पांच जोड़ी सप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों का ठहराव होता है।
जिससे यहां से नियमित सैकड़ों की संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। यहां यात्री सुविधाओं का अभाव होने के चलते लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है। हालत यह है कि स्टेशन परिसर में पे एंड यूज शौचालय काफी पहले से बन कर तैयार है, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हो सका है।
यही हाल पेयजल का है, जिसका जल वितरण प्रणाली ध्वस्त हो चुका है। सभी नल पोस्ट सूखे रहते है। प्रचंड गर्मी में यात्री शेड की सुविधा नहीं होने से लोगों को धूप में खड़े होकर ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। हालांकि बीते पांच माह पहले पुराने यात्री शेडो को हटा कर छह नए यात्री शेडो का निर्माण शुरू कराया गया, लेकिन उसका निर्माण कार्य अभी तक पूरा नही हो पाया है।
कस्बा के अमरनाथ गुप्ता, मायाशंकर निर्गुणायत, पप्पू जायसवाल, शुकदेव रौनियार आदि व्यापारियों का कहना है कि अमृत भारत योजना के तहत इस रूट के सभी स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार कार्य हो रहा है, लेकिन यहां किसी प्रकार की यात्री सुविधाएं नहीं हैं।