पडरौना। चक्रवात ने ऐसा कहर बरपाया कि तीन दिन बाद भी बिजली आपूर्ति शहर के कुछ हिस्सों के अलावा करीब 500 गांवों की बहाल नहीं हो सकी है। अतिरिक्त मजदूरों और लाइनमैन की मदद से तार, पोल को ठीक कराने में बिजली निगम के जिम्मेदार सोमवार को भी जुटे रहे। डीएम से मिलकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने सुबह से बिजली आपूर्ति बंद होने की शिकायत की। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बाकी सरकारी कार्यालयों की आपूर्ति भले ही बाद में चालू हो प्राथमिकता पर मेडिकल कॉलेज की आपूर्ति चालू कराई। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में तीसरे दिन भी आपूर्ति चालू नहीं हुई।
जिले में शुक्रवार की शाम को अचानक आए चक्रवात औ ओले के साथ बारिश हुई। इसकी वजह से पडरौना, रविंद्र नगर, खड्डा, छितौनी बिजली उपकेंद्र से जुड़े 500 गांवों के अलावा शहर की आपूर्ति ठप हो गई। इसमें 300 से अधिक बिजली के पोल व तार टूट गए। रविवार को दोपहर बाद शहर की आपूर्ति काफी मशक्कत के बाद बहाल हो सकी, जबकि गांवों व शहर के मेडिकल कॉलेज, सरकारी कार्यालयों तथा पडरौना के छावनी, तहसील की आपूर्ति हाईटेंशन तार गिरने के कारण सोमवार को भी प्रभावित रही। मेडिकल कॉलेज में की आपूर्ति रविवार को दोपहर बाद चालू की गई, लेकिन तार टूटने के कारण सोमवार को भोर से मेडिकल कॉलेज की आपूर्ति ठप हो गई।
जनरेटर से ओपीडी से लेकर इमरजेंसी का काम चलाया जा रहा है। वहीं पडरौना उपकेंद्र से जुड़े दुदही, कुबेरस्थान क्षेत्र में आज बिजली आपूर्ति पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन सुबह से बारिश होने के कारण पोल व तार नहीं बदले जा सके। छितौनी उपकेंद्र से जुड़े एक भी गांवों में अभी तक आपूर्ति नहीं चालू हो सकी है।
अभी तक तार व पोल नहीं बदले जा सके हैं। गांव वालों का कहना है कि बिजली निगम के जिम्मेदारों की सुस्ती के चलते अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण रूप से आपूर्ति बहाल करने के लिए एक्सईएन पडरौना और कसया को निर्देश दिया है। पडरौना एक्सईएन संजय सागर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति को चालू करने के लिए लाइनमैन लगे हैं। तार व पोल को ठीक कराया जा रहा : बारिश के चलते काम बंद है। नहीं तो देर रात तक आपूर्ति बहाल कर दी गई होती। रविंद्र नगर उपकेंद्र के साखोपार, छावनी, भरवलिया फीडर की आपूर्ति ठप है। छितौनी व खड्डा में आपूर्ति बहाल करने के लिए काम चल रहा है।