तमकुहीराज। प्रसव के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से प्रसूता की हुई मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है। सीएचसी अधीक्षक और ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर के खिलाफ पीड़ित परिवार ने पुलिस को नामजद तहरीर दिया है। थानाध्यक्ष ने आरोप के आधार पर सीएमओ को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए मांगा है। दूसरी ओर मामले में तमकुहीराज कस्बे के युवाओं व सामाजिक लोगों ने मंगलवार को न्याय यात्रा निकालने का आह्वान किया है।
बृहस्पतिवार को तमकुहीराज कस्बा स्थित सीएचसी में प्रसव के बाद बिहार में तैनात शिक्षिका की मौत मामले में तमकुहीराज पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर मामले में टीम बनाकर जांच कर आख्या से अवगत कराने की मांग की है। घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने इंस्पेक्टर तमकुहीराज को शिकायती पत्र सौप सीएचसी अधीक्षक व महिला चिकित्सक के ऊपर गलत इलाज के कारण मौत होने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर सात ( सरदार पटेल नगर ) निवासी शिक्षक सुप्रिया सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर 22 मई को परिजन तमकुहीराज सीएचसी पर लेकर पहुुंचे।
पुलिस को दिए गए तहरीर में राकेश ने आरोप लगाया है कि बहू सुप्रिया सिंह को प्रसव होने के बाद एक इंजेक्शन महिला डॉक्टर के सहयोगियों ने लगाया। इसके बाद सुप्रिया की तबीयत बिगड़ने लगी और महिला डॉक्टर समेत स्टाफ नर्स वहां से भाग गई। कुछ देर बाद सुप्रिया को मेडिकल कॉलेज कुशीनगर जिंदा बताकर रेफर किया गया। वहां लेकर जाने पर डॉक्टर ने बताया कि डेढ़ घंटे पहले ही प्रसूता की मौत हो गई है। इसके बाद शव को लेकर सीएचसी पर पहुंचे, जहां हंगामा करने के बाद भी कोई नहीं आया और लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई के बजाए मामले को मैनेज करने में जुटे हैं। थानाध्यक्ष सुशील शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है। विसरा सुरक्षित किया गया है।
कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर प्रसूता की मौत के मामले में तमकुहीराज कस्बे के युवाओं सहित सामाजिक लोगों ने मंगलवार को न्याय यात्रा निकालने का आह्वान किया है। इसके लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से लोगों से जुड़ने की अपील की जा रही है। न्याय यात्रा में शामिल होने वाले लोग कस्बे के लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में सुबह साढ़े दस बजे जुटेंगे।