-साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया पर तैयार किया जाल, जागरूकता के अभाव में फंस रहे लोग
- किशोर और युवाओं को टारगेट बना रहे ठग, पुलिस कर रही सतर्क
पडरौना। साइबर अपराधी लोगों से धोखाधड़ी करने के लिए नए-नए तरकीब अपना रहे हैं। ठग एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन के नाम पर पहले तो लिंक भेजते हैं और फिर लालच के नाम पर जैसे ही लोग लिंक पर क्लिक करते हैं। उनके निजी डाटा का एक्सेस ठगों के पास होता है।
ठगों की ओर से व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से मैसेज भेजकर एक लिंक शेयर किया जाता है। इस मैसेज को जब तक आप सिर्फ पढ़ते हैं, तब तक तो सब ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही लिंक पर क्लिक करते हैं तो व्हाट्सएप हैक हो जाता है। इसके बाद वह अकाउंट को हैक करके ऑपरेट करना शुरू कर देते हैं। इसके बाद व्यक्ति के परिचितों और परिवार के सदस्यों को मैसेज भेजे जाते हैं। साइबर अपराधियों द्वारा हैकिंग के दौरान इस बात का ख्याल रखा जाता है कि वह जिससे यह ठगी कर रहे हैं वह मोबाइल और सोशल मीडिया के बारे में कम जानकारी रखने वाले हो। इसमें कम उम्र के लड़कों और युवाओं को अधिक शिकार बनाया जाता है।
जनसुनवाई के दौरान मिले शिकायत पर टीम गठित कर एसपी संतोष मिश्र ने जिले के छह लोगों के 80 हजार रुपये वापस कराए तो लोगों को खुशी का ठिकाना न रहा। यह वह लोग थे जिन्हें ठगों ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर फेक लिंक भेजकर ठगी की थी। इसमें लोगों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन करने के लाभ दिखाकर आवेदन करने की बात कही गई थी।जिसके बाद लोगो ने पैसे दिए, वहीं अलग-अलग लिंक पर क्लिक करने से कई लोगों के निजी डाटा को भी ठगो ने छेड़छाड़ किया था।
एसपी संतोष मिश्र ने इस तरह से मैसेज से लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि इस ठगी से लोग जागरूकता के कारण ही बच सकते हैं।किसी भी अनजानी कॉल पर अपनी जानकारी देने से बचें। ओटीपी तो किसी भी हालत में न बताएं। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं और लालच के नाम पर अनजान लिंक को क्लिक करने से बचें।
मैसेज ऐसा, जिससे तुरंत लालच में आते हैं लोग
साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह के मैसेज भेजते हैं, जिससे यूजर फौरन उनके झांसे में आ जाता है।इसमें यूजर को इनाम जीतने, नौकरी,योजनाओं के नाम पर और बैंक अलर्ट के नाम पर मैसेज किए जाते हैं। बैंक के नाम पर यूजर को खाता बंद होने के नाम पर भी डराया जाता है।इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के सिम में रिचार्ज न होने के कारण सिम बंद होने की भी बात की जाती है। ऐसे में साइबर ठग यूजर को मैसेज में केवाईसी करवाने, लिंक क्लिक करने और पैसे भेजने के लिए कहते हैं।ज्यादातर व्यक्ति मैसेज को बैंक का समझकर क्लिक कर देते हैं और इसके बाद उनका अकाउंट हैक हो जाता है। पुलिस के मुताबिक किसी भी अनजान कॉल पर अपनी जानकारी न दें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने से बचना चाहिए।
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कैसे बचें, शिकार होने पर क्या करें
- किसी भी मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
- किसी अनजान के भेजे लिंक को क्लिक नहीं करें।
- किसी भी वेबसाइट पर जाकर पर्सनल डिटेल भरने से बचें
- किसी शख्स को अपनी पर्सनल डिटेल शेयर न करें।
- अनजान को ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने से बचें।
- फोन-सिम हैक की सूचना इस सिम कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दें
- ठगी और हैकिंग होने के अंदेशे पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
- अपने जिले के साइबर थाने में पहुंच कर जानकारी दें