नरवाजोत मे बांध छोड़ कर दूर होती गंडक नदी।संवाद
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज रविवार को एक लाख क्युसेक से नीचे आ गया। इससे बाढ़ खंड के अभियंताओं साथ तटबंधों के किनारे बसे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पांच दिन पहले जब यह डिस्चार्ज दो लाख क्युसेक के पास पहुंच गया था तो लोगों में बेचैनी बढ़ गई थी। अभी भी कुछ लोगों का मानना है कि नदी के जलस्तर में भले ही कमी आ गई है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। यदि डिस्चार्ज बढ़ा तो बांध पर खतरा बढ़ सकता है।
इस साल नदी ने नरवाजोत बांध के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के करीब 500 मीटर के हिस्से को कटान के जद में लेकर बांध को काफी क्षति पहुंचा चुकी है। पांच दिन पहले जब नदी का डिस्चार्ज बढ़कर करीब दो लाख क्युसेक पहुंच गया था तो नदी के उफान ने बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ ग्रामीणों की बेचैनी भी बढ़ा दी थी, लेकिन रविवार को नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्युसेक से नीचे आ गया है।
डिस्चार्ज में कमी का सिलसिला लगातार जारी है। क्षेत्र के रामायन राय, सरल शर्मा, प्रताप सिंह, प्रभु गुप्ता आदि का कहना है कि भले ही नदी का जलस्तर घट गया है। लेकिन बरसात अभी बाकी है और डिस्चार्ज बढ़ने पर नदी अपने पुराने तेवर में लौट सकती है।
बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह ने कहा कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।