कुशीनगर/तमकुहीराज। आठ दिनों से लखनऊ में डेरा डाले जिले की पुलिस टीम पीड़िता का बयान दर्ज कर वापस लौट आई। पुलिस के तमाम प्रयास के बावजूद पीड़िता ने साथ आने से आने से इंकार कर दिया। बावजूद इसके जांच के लिए बुलाए जाने पर अपने अधिवक्ता के साथ जिले में आने के लिए राजी हो गई। आरोपियों के डर से अज्ञात स्थान पर रह रहे पीड़िता के माता-पिता व भाई भी लखनऊ पहुंच गए हैं।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र की निवासी एक युवती की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 19 अगस्त को 13 आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, गैंगरेप, धर्म परिवर्तन सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़िता को मीडिया के सामने हिन्दूवादी नेता गोपाल राय ने लखनऊ में पेश कर इसका भंडाफोड़ किया था। मामले में नगर पंचायत तमकुहीराज के रफी खान उर्फ बबलू, नौशाद खान, जमालुद्दीन, हाशिम खान, तनवीर, इजहारुल हक, बलरामपुर जिले उतरौला निवासी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, उसकी कथित शिष्या नीतू रोहरा उर्फ नसरीन, तमकुहीराज थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर निवासी रितेश मिश्रा, कसया नगर पालिका के वार्ड नंबर दो मां कोटेश्वरी नगर निवासी व बिहार के मूल निवासी आलमगीर अंसारी, तमकुहीराज थाने पर तैनात दीवान इम्तियाज खान व अज्ञात पते के साहिल अंसारी व इरशाद खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। जांच में जुटी पुलिस टीम पीड़िता का बयान दर्ज करने लखनऊ पहुंची। अब पुलिस टीम वापस लौट आई। सीओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस बयान दर्ज कर चली आई है। जरूरत पड़ने पर युवती को बुलाया जाएगा।