पडरौना। परिषदीय उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में शैक्षिक सत्र में समग्र प्रगति पत्र (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) का नया प्रारूप लागू किया जाएगा। इसके तहत शैक्षिक अंक के अलावा व्यवहारिक गतिविधियों पर भी अंक मिलेगा। इसका उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की हर प्रतिभा को मंच देना है।
जिले में 2464 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। परिषदीय विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों की हर प्रतिभा को मंच देने के लिए शासन ने नई पहल की है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी आदेश में अब कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित न रहकर उनके व्यक्तित्व, व्यवहार, जीवन कौशल और रुचियों के आधार पर भी किया जाएगा।
नए प्रारूप में प्रगति पत्र कुल आठ पेज का होगा। पहले पेज पर छात्र की सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य विवरण दर्ज किया जाएगा। वहीं अगले चार पेज में संज्ञानात्मक विकास, व्यवहार, भावनात्मक स्थिति, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सीखने की प्रवृत्ति, जीवन कौशल और कलात्मक रुचियों का विस्तृत आकलन होगा। छठे पेज पर शिक्षक की तरफ से छात्र के बारे में सकारात्मक और सुधारात्मक टिप्पणियां दर्ज की जाएंगी।
शासन की तरफ से मिले पत्र के बाद बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्या ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए शासन स्तर से हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। शासन की तरफ से शुरू हुई यह पहल विद्यार्थियों को एक अलग मंच देगा।