पडरौना/मेहंदीगंज। मिश्रौली का डोल मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर बाद निकला जुलूस गांवों में भ्रमण के बाद शाम को मिश्रौली पहुंचा। अखड़ेदारों ने करतब दिखाया। मेले में गांवों से आए महिलाएं, पुरुषों और बच्चों ने मेले का लुफ्त उठाया।
करीब 15 से अधिक गांवों का डोल पहुंचा। पूर्व में हुए विवाद को देखते हुए इस साल अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती एसपी ने किया था। एक डोल पर एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कार्यक्रम से पूर्व पुलिसकर्मियों को एएसपी निवेश कटियार और सदर सीओ अजय कुमार सिंह ने आवश्यक निर्देश दिए।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के अतिसंवेदनशील मिश्रौली डोल मेला रविवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सकुशल संपन्न हुआ। मेला में शांति व्यवस्था को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी के जवान डटे रहे। मेले में भगवान श्रीकृष्ण की निकाली गई अलग-अलग झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मिश्रौली डोल मेला को लेकर पिछले दो दिनों से सुरक्षा व्यवस्था में जिम्मेदार अफसर जुटे रहे।
पुलिस बल व पीएसी के साथ दोपहर में ही मेला स्थल पर पहुंच गए। वहां से भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ सजी डोल लेकर गांव के जिन रास्तों से होकर मूर्ति गुजरनी थी वहा चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल के साथ तैनात रहे। मेले में पकड़ीबंती उर्फ सौनहा, मंगलपुर पटेरहा, सनेरामल छपरा, बरकंटी, पकड़ियार, सोहरौना, विश्रामपट्टी, आधार छपरा बाजार टोला, आधार छपरा खास, शिवाला टोला, दल बहादुर छपरा, कोइरी टोला, सिसवलिया, सहुआडीह, चंदरपुर समेत 15 से अधिक गांवों की से डोल मिश्रौली पहुंचा। मिश्रौली बाजार में ड्रोन कैमरा से भी पुलिस अपनी नजर मेले पर रखी रही। इससे पूरे गांव से लोग थिरकते हुए मेले में पहुंचे। इस दौरान भक्ति गीतों पर युवा थिरकते रहे। कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर वाहवाही लूटी।
मेले को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए 13 थानाध्यक्ष, 12 निरीक्षक, 60 उपनिरीक्षक, सात महिला उपनिरीक्षक, 250 मुख्य आरक्षी, 55 महिला कांस्टेबल, पीएसी की एक कंपनी और एक प्लाटून, दो फायर ब्रिगेड की टीम, एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर तथा 25 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।