पडरौना। जिले में स्वास्थ्य योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का कार्य आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया है। जिससे लाभार्थियों को योजना का समय पर लाभ मिल सके, लेकिन जिले में 81 आशा अपने दायित्व का ठीक ढंग से निर्वहन नहीं कर रही हैं। ऐसे आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिन्हित किया गया है, जो निष्क्रिय हैं। इसके अलावा संस्थागत प्रसव की प्रगति रिपोर्ट खराब मिलने पर 1036 आशाओं को चेतावनी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार निष्क्रिय आशा 81 हैं। इसमें दुधही ब्लाक में दो, फाजिल्नगर में सात, हाटा में एक, कप्तानगंज में एक, कसया में एक, खड्डा में 42, मोतीचक में एक, पडरौना में आठ, सेवरही में तीन, तमकुहीराज में 15 आशा स्वास्थ्य विभाग के किसी भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता नहीं निभा रही हैं।
वहीं संस्थागत प्रसव की रिपोर्ट भेजने में लापरवाही करने वाली दुधई में 96, फाजिलनगर में 64, हाटा में 80, कप्तानगंज में 102, कसया में 48 खड्डा में 67, मोती चक में 31, नेबुआ नौरंगिया में 35, पडरौना में 84, रामकोला में 62, सेवरही में 43, सुकरौली में 93, तमकुही राज में 120 व विशुनपुरा ब्लाक में 109 आशा की संस्थागत प्रसव की प्रगति रिपोर्ट खराब है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम प्रकाश भाष्कर ने बताया कि सभी सीएचसी अधीक्षकों को आशा के कार्य की समीक्षा का निर्देश दिया गया है। आशा कार्यकर्ताओं को दायित्व निर्वहन में लापरवाही पर जबाब तलब किया जाएगा।