तमकुहीरोड। कुशीनगर जिले के गन्ने की बीज से पूर्वांचल के आठ जिलों में मिठास घुलेगी। अभिजनक प्रजाति के बीज का आवंटन शुक्रवार को गन्ना शोध एवं प्रजनन संस्थान सेवरही की ओर से किया गया।
अपर गन्ना आयुक्त लखनऊ कार्यालय द्वारा पूर्वांचल के आठ जिलों में इस वर्ष बसंतकालीन गन्ना बुवाई के लिए गन्ना शोध एवं प्रजनन संस्थान सेवरही 3241 क्विंटल अभिजनक (ब्रीडर सीड) बीज का आवंटन किया गया है। किसान अपने गन्ना पर्यवेक्षक से मिलकर गन्ने का बीज प्राप्त कर समय से बुवाई कर सकते है। यह अभिजनक बीज क्षेत्र के मिट्टी के अनुकूल है और इसकी बुवाई से गन्ने के उत्पादन में वृद्धि के साथ चीनी की परता और गन्ना किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
उतर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच के पूर्व सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए शीघ्र पकने वाली चार प्रजातियों को. शा. 17231, 13235, को. लख- 14201, यू.पी. 05125 तथा मध्य देर से पकने वाली दो प्रजातियों को. शा. 9232 व 10239 के बीज का आवंटन अपर गन्ना आयुक्त कार्यालय से किया गया है। इसमे देवरिया जिले के लिए 200 कुंतल,कुशीनगर जिले के लिए 640 क्विंटल,बलिया जिले के लिए 20 क्विंटल, मऊ जिले के लिए 150 क्विंटल, आजमगढ़ जिले के लिए 630 क्विंटल बस्ती जिले के लिए 781 कुंतल, गोरखपुर जिले के लिए 420 क्विंटल एवं महराजगज जिले के लिए 400 क्विंटल गन्ने के बीज का आवंटन किया गया है।
उन्होंने क्षेत्र के सभी गन्ना किसानों से बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के साथ अपनी सुविधानुसार प्याज,भिंडी,लोबिया, मूंग,कोहड़ा,लौकी आदि की बुवाई करने की सलाह दी है।
उनका कहना है कि इससे किसानों की लागत में कमी आएगी और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।गन्ना शोध संस्थान सेवरही के संयुक्त निदेशक डाॅ. सुभाषचंद्र सिंह व लक्ष्मीपुर गन्ना शोध परिषद के वरिष्ठ बैज्ञानिक डा. के. पी सिंह ने बताया कि इसके अलावा 32 लाख एक आंख वाले गन्ने के बीज का अलग से आवंटित किया गया है, जो किसानों को 1.40 रुपया प्रति आंख की दर से वितरित किया जाएगा।
इस संबंध में गन्ना विभाग देवरिया गन्ना उपायुक्त एपी सिंह का कहना है कि किसान अपने गन्ना पर्यवेक्षकों से मिल कर आवंटित गन्ने के बीज को प्राप्त कर सकते है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से गन्ने के बीज का शत प्रतिशत उठान समय से कराए जाने को लेकर आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए है।