प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य विभाग के मंत्री तथा गोरखपुर मंडल के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को धर्मपुर बुजुर्ग में स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करना था, लेकिन उनका कार्यक्रम अचानक बदल गया। वह पडरौना नगर के संविलियन विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गए।
मंत्री सीधे कक्षा पांच और बाद में आठ के विद्यार्थियों ने मिलने पहुंचे। उन्होंने पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों से पांच पेड़ों के नाम पूछे। 12 और 15 का पहाड़ा पूछा, लेकिन विद्यार्थी नहीं बता पाए। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक से सुधार लाने की बात कही।
मंत्री को इस विद्यालय में कई कमियां मिलीं। उन्होंने नाराजगी जताई। प्रधानाध्यापक विंदा देवी ने किताबें नहीं होने और कोरोना संकट काल में विद्यालय बंद होने की वजह से बच्चों को याद किए सवाल भूलने की बात कही।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में कुल 570 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन बुधवार को महज 190 बच्चे की उपस्थित थे। प्रधानाध्यापक के अलावा अनुदेशक हिमांशु चौधरी, ममता पांडेय और मनीषा श्रीवास्तव उपस्थित मिलीं। इसके पहले मंत्री का अचानक कार्यक्रम बदल जाने से शिक्षा विभाग समेत अन्य अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
आनन-फानन अधिकारी संविलियन विद्यालय में सफाई कराई गई। सीडीओ गुंजन द्विवेदी, बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा समेत अन्य अधिकारी पहुंचकर मोर्चा संभाला।
इसके बाद मंत्री धर्मपुर बुजुर्ग गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, जहां कक्षा चार के अंगेश, करन, रागिनी और कक्षा पांच की सलोनी से पहाड़ा, फल, फूल और पेड़ों के नाम पूछे। विद्यार्थियों ने बेबाकी से जवाब दिया। इससे प्रसन्न मंत्री ने बच्चों को टॉफी देकर प्रसन्नता जताई।
इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि उनके अलावा सहायक अध्यापक प्रज्ञा पांडेय, शिक्षा मित्र बेबी सिंह, संध्या गोंड तैनात हैं। विद्यालय में कुल 102 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें से 82 बच्चे उपस्थित थे।
बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के दौरान नगर के संविलयन विद्यालय में मिली कमियों की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश गए हैं। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।