पडरौना। शहर के रामकोला रोड स्थित एक विवाह भवन परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण- रूक्मिणी विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण रुक्मिणी का विवाह किसी साधारण वर कन्या का विवाह नहीं हैं। यह जीव और ईश्वर का विवाह है।
कथा व्यास धीरज कृष्ण ने कहा कि श्री शुकदेव जी ने भागवत कथा को विश्राम देने से कुछ ही समय पूर्व परीक्षित को रुक्मिणी-श्रीकृष्ण के विवाह का प्रेम प्रसंग सुनाया था। इस दौरान आयोजक आचार्य कृष्ण पांडेय, विष्णु दास, आदित्य, किशोर, आनंद शुक्ला आदि मौजूद रहे।