अहिरौली बाजार। क्षेत्र के गांव बरवा बाबू में सोमवार को तीन दिवसीय हनुमत जन्मोत्सव कार्यक्रम शुरू हो गया। सोमवार को कक्षा वाचक ने श्रीराम भक्त हनुमान के जन्म की कथा सुनाई। कार्यक्रम के दूसरे दिन हनुमान ध्वज के साथ क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली जाएगी। बुधवार को समापन के मौके पर कुश्ती का आयोजन होगा।
भक्त हनुमान के जन्म की कथा सुनाते हुए कथा वाचक पंडित हलचल मिश्रा ने कहा कि भक्त हनुमान भगवान शिव के 11वां रुद्र अवतार हैं। कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ने धर्म की स्थापना के लिए धरती पर प्रभु श्रीराम के रूप में जन्म लिया। तब भगवान शिव ने उनकी मदद के लिए हनुमान के रूप में अवतार लिया था। वहीं दूसरी ओर राजा केसरी अपनी पत्नी अंजना के साथ तपस्या कर रहे थे।
इस तपस्या का दृश्य देख भगवान शिव प्रसन्न हो उठे। उन्होंने उनसे मनचाहा वर मांगने को कहा। भगवान शिव की बात से माता अंजना खुश हो गई और उनसे कहा कि मुझे एक ऐसा पुत्र प्राप्त हो, जो बल में रुद्र की तरह बलवान हो, गति में वायु की गतिमान हो और बुद्धि में गणपति के समान तेजस्वी हो।
माता अंजना की यह बात सुनकर शिव ने अपनी रौद्र शक्ति के अंश को पवन देव के रूप में यज्ञ कुंड में अर्पित कर दिया। बाद में यही शक्ति माता अंजना के गर्भ में प्रविष्ट हुई। इस दौरान वैंकट रमन शाही, अशोक शाही, आनंद शाही, राजन शाही, जितेंद शाही, पवन शाही, रमेश शाही, शिवाजी शाही, प्रदीप शाही, विश्वजीत शाही, प्रवीर शाही, स्वतंत्र शाही मौजूद रहे।