पडरौना। जिले में सूचना का अधिकार (आरटीआई) नियमों की अनदेखी की जा रही है। दुदही ब्लाॅक के कुबेरा भुआल पट्टी मिश्रौली गांव में हुए विकास कार्यों की जानकारी जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत सूचना गांव के एक व्यक्ति ने मांगा था।
एक साल टाल मटोल करने के बाद डीएम तक मामला पहुंचा तो बीडीओ ने फोटो कापी के लिए 17,465 रुपये ग्राम सभा के खाते में जमा कराया। रकम जमा करने के दो माह बाद आरटीआई कार्यकर्ता ने संपर्क किया तो बीडीओ ने कहा कि कि जो पेपर देना है वह दीमक चट कर गए हैं अभी समय लगेगा, परेशान मत हाइए। बता दें कि यह एक बानगी है, ऐसे 40 से अधिक आरटीआई कार्यकर्ता सूचना के लिए परेशान हैं। कुबेरा भुआल पट्टी टोला मिश्रौली गांव निवासी प्रवीण मिश्र पिछले साल सितंबर से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत गांव में हुए विकास कार्यों से जुड़ी सूचना मांगा। सचिव और बीडीओ करीब दस महीने तक प्रवीण को तरह-तरह का बहना बनाकर दौड़ाते रहे और सूचना न लेने के लिए दबाव बनाने लगे। इससे परेशान होकर आरटीआई कार्यकर्ता डीएम से शिकायत किया। डीएम तक मामला पहुंचने के बाद दुदही बीडीओ सूचना नहीं देने की वजह फोटो कॉपी के लिए 17,465 रुपये जमा नहीं होने का तर्क दिया।
इसकी जानकारी होने पर दूसरे दिन आरटीआई कार्यकर्ता बीडीओ की ओर से उपलब्ध कराए गए ग्रामसभा के खाते में रकम जमा कर दिया और रशीद बीडीओ को उपलब्ध करा दिया।