तमकुहीरोड। विरवट कोन्हवलिया में कट एंड टू बांध पर बोल्डर की डंपिंग के बाद भी नदी की बैक रोलिंग से कटान का खतरा है। एक पखवाड़े से गंडक नदी तेवर दिखा रही है। नदी के ठोकर नंबर चार पर स्थित कट एंड टू बांध को भी निशाना बना चुकी है। इसे बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से वहां लाइट की व्यवस्था कराकर बोल्डर की डंपिंग कराई गई है। लेकिन, कटान का दायरा बढ़ता ही जा रहा है।
मंगलवार से नदी ने एक दूसरे क्षतिग्रस्त ठोकर को भी कटान के जद में ले लिया है और वहां हो रही बैक रोलिंग ने ग्रामीणों के साथ अभियंताओं की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि ठोकर नंबर चार पर निरंतर कटान का खतरा बना हुआ है।यदि समय रहते ठोकर के साथ अप व डाउन स्ट्रीम में पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति कभी भी भयावह हो सकती है।
गंडक विभाग के चीफ इंजीनियर विकास सिंह, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता एमके सिंह, सेवरही के एसडीओ रमेश यादव की टीम विरवट कोन्हवलिया पहुंची और ठोकर नंबर चार के पास सुरक्षात्मक कार्यों के साथ अप स्ट्रीम व डाउन स्ट्रीम में नदी के दबाव जायजा लिया। कटान व नदी के रुख के बारे में जानकारी ली।
चीफ इंजीनियर ने कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ के खतरे को लेकर तटबंधों की सुरक्षा के प्रति काफी गंभीर है। उन्होंने को रोकने के लिए सुरक्षा के पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए। इस दौरान जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।