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गंडक नदी के बांध से सटे गांवों में ठंड से बढ़ी परेशानी

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गंडक नदी के बांध से सटे गांवों में ठंड से बढ़ी परेशानी
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- ग्रामीणों ने प्रशासन से ठंड से बचाव के इंतजाम करने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड /कुशीनगर। पहाड़ों पर बर्फ गिरने का असर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। गंडक नदी के किनारे बसे गांवों में ठंड अधिक पड़ने से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इससे बचाव के लिए कारगार उपाय किए जाने की मांग की है।
पहाड़ों पर बर्फ गिरने के कारण सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंडक नदी के किनारे स्थित सेवरही क्षेत्र के गांवों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। एपी बांध के आसपास के पिपराघाट, जंगलीपट्टी, परसा उर्फ सिरिसिया, नरवाजोत, घघवा जगदीश, जवही दयाल, चैनपट्टी, विरवट कोंहवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, अहिरौलीदान, खैरटिया, फागूछापर, मठिया श्रीराम, सिसवा नाहर, बेदूपार, मेहदिया, सुमही संतपट्टी, पूरबपट्टी, पकड़ियार, मिश्रौली, राजपुर, जोगनी, टिकुलिया, पिरोजहां, रानीगंज, ब्रह्मपुर आदि गांवों में शीतलहर शुरू हो गई है। सर्द हवाएं चलने से यहां के लोग परेशान हैं। सुबह-शाम लोग घरों में दुबके रहने के लिए विवश हैं। सबसे अधिक परेशानी एपी बांध पर झोपड़ी बनाकर अथवा प्लास्टिक तानकर शरण लिए लोगों को हो रही है। कारण कि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी गांव में अलाव जलाने अथवा ठंड से बचाव के अन्य कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि अभी वह बाढ़ से उबरने की कोशिश कर ही रहे थे कि अब कड़ाके की ठंड उनके लिए मुसीबत बनती जा रही है।
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इन गांवों के संजय सिंह, ध्रुव निषाद, बृजकिशोर साहनी, बबलू प्रसाद, बाबूलाल निषाद, प्रभुनाथ यादव, पप्पू यादव, प्रदीप सिंह सहित अन्य ने जिला एवं तहसील प्रशासन से इन गांवों में ठंड से निजात दिलाने के लिए अलाव जलाए जाने तथा अन्य इंतजाम किए जाने की मांग की है।
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