सुकरौली। क्षेत्र के परसिया गांव स्थित मंदिर परिसर में चल रहे महायज्ञ के आठवें दिन कथावाचक भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी लीलाओं की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन प्राणी मात्र के लिए प्रेरणा स्रोत है। लोगों को उसका अनुकरण करना चाहिए।
कथा वाचक आचार्य प्रमोद महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में अच्छे विचारों को स्थान देना चाहिए। अच्छे विचार ही व्यक्ति को सही मार्ग पर ले जाते हैं। भगवान राम ने अपने जीवन में हर परिस्थिति में धैर्य और मर्यादा का पालन किया, जिससे वे पूरे विश्व के लिए आदर्श बन गए।
इस दौरान विश्वजीत, मधु त्रिपाठी, शीला मणि, अशोक, सागर, पूनम त्रिपाठी, किरण त्रिपाठी, गीता, उर्मिला त्रिपाठी, सुमन त्रिपाठी, अमित त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। संवाद