पडरौना। वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए सोमवार को पहुंचे मरीजों के बीच धक्का-मुक्की हुई। आईसीयू और वार्ड का बेड फुल होने के चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अल्ट्रासाउंड और एक्सरे, खून की जांच कराने वाले मरीजों को भीड़ अधिक होने के कारण दूसरे दिन बुलाया गया। सिर्फ दस मरीजों का अल्ट्रासाउंड हो सका, इसके बाद रेडियोलॉजिस्ट व कार्यवाहक सीएमओ डॉ.ब्रजनंदन सीएमओ कार्यालय चले गए। बुखार वाले मरीजों का प्लेटलेट्स कम होने से उनको भर्ती करना पड़ रहा है, हलांकि जांच में डेंगू का लक्ष्ण नहीं मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेज में 1300 से अधिक मरीजों ने ओपीडी में इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन सोमवार को कराया। पर्ची काउंटर पर सुबह आठ बजे से ही लोग कतार में लगने लगे। ओपीडी में मरीजों की इतनी भीड़ हो गई कि धक्का मुक्की होने लगी, गार्डों ने किसी तरह मरीजों को शांत कराया, इससे अफरा-तफरी मच गई। दोपहर करीब 1 बजे दवा काउंटर पर भी भीड़ अधिक होने के कारण धक्का मुक्की होने लगी।
गार्डों में लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया, वहीं अल्ट्रासाउंड के लिए करीब 40 मरीज आए थे, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ब्रजनंदन के पास कार्यवाहक सीएमओ का चार्ज होने के चलते वह सिर्फ दस मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर चले गए, दूसरे दिन मरीजों को बुलाया गया, वहीं एक्सरे कराने के लिए आपस में लोग धक्का मुक्की करते नजर आए। दोपहर एक बजे तक 145 मरीजों का एक्सरे हुआ था,ओपीडी में 1300 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ था इसमें 675 मरीज सिर्फ बुखार और सर्दी के शामिल रहे। भीड़ अधिक होने के कारण इंमरजेंसी में भी तेज बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। पर्ची काउंटर और ओपीडी के सात नंबर कक्ष में बाहरी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की पर्ची डॉक्टरों के कक्ष में बैठे युवक मरीजों को देते नजर आए, 200 से अधिक मरीज बिना जांच कराए वापस लौट गए, वहीं ओपीडी भी भीड़ होने के कारण डॉक्टर अधिक समय मरीजों को नहीं दे पा रहे हैं, दवा देने के साथ-साथ बचाव के लिए सुझाव दे रहे हैं।
बेड फुल होने के कारण मरीजों को दवा देकर डॉक्टर घर पर आराम करने की सलाह दे रहे हैं, वहीं डेंगू वार्ड में भी बुखार वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। सोमवार को इलाज कराने आए मरीज परेशान दिखे,भीड़ अधिक होने के कारण मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
संजू देवी ने बताया कि काजल मेरी बेटी है, इसका अल्ट्रासाउंड कराना है, एक घंटे से परेशान हूं अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर नहीं हैं, इसके चलते दूसरे दिन बुलाया गया है, नहीं तो निजी अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही गई है, लेकिन पैसा नहीं होने के कारण बाहर से नहीं करा सकती हूं, सरकारी अस्पताल में भीड़ अधिक और व्यवस्था कम होने के कारण इलाज में सहूलियत नहीं मिल रहा है। इसमें सुधार होना चाहिए।