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Kushinagar News: छुट्टा पशुओं का आतंक...सड़कों पर देख रास्ता बदल रहे लोग

Tue, 16 Dec 2025 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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सालिक पर हमला करने वाला पकड़ा गया सांड। स्रोत -सोशल मीडिया
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पडरौना। शहर के कन्नौजिया वार्ड मोहल्ले में रविवार की सुबह सांड़ के हमले से 50 वर्षीय दिव्यांग की मौत के बाद लोग सड़क पर छुट्टा पशुओं को देखकर डरने लगे हैं। हालत यह है कि सड़क पर इन पशुओं को देख लोग खुद किनारा कसने लगे हैं। हालांकि नगर पालिका परिषद की तरफ से रविवार की देर शाम तक हिंसक सांड़ को पकड़कर उसे खड्डा के कोपजंगल छोड़ दिया गया। फिर भी छुट्टा पशुओं को देखते ही लोगों में दहशत फैल जा रही है। सोमवार को भी शहर के करीब सभी प्रमुख सड़क और मोहल्लों में छुट्टा पशु दिखाई दिए।
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कन्नौजिया वार्ड मोहल्ले में रविवार की सुबह करीब सात बजे दरवाजे के बाहर बैठे सालिक चौधरी को पीछे से आए एक हिंसक सांड़ ने उनपर हमला कर पटक कर मारने लगा। परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद से लाठी डंडे का सहारा लेकर किसी तरह सांड़ को भगाया और घायल सालिक को मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद शहर में घूम रहे सांड़ और अन्य गोवंशों को देखते ही लोगों में दहशत फैल जा रही है। हालत यह है कि सड़क या मोहल्लों में छुट्टा पशुओं को देखते ही काफी दूरी से ही लोग किनारा कस लेते हैं। घटना के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
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जगदीशपुर कॉलोनी सुनील कुमार मिश्र, विशाल शुक्ल, हरिओम सिंह, बेलवा चुंगी के अविनाश कुमार, बलवंत सिंह आदि लोगों का कहना है कि शहर में घूम रहे छुट्टा पशुओं के अलावा कई पशुपालक भी ऐसे भी जो अपनी गाय से दूध निकालकर उन्हें शहर में छोड़ देते हैं। वे पूरे दिन शहर में घूमकर चारा खाते हैं। इस दौरान कई पशु थककर सड़क पर बैठ जाते हैं, जिन्हें सड़क से हटाने पर वे लोगों को दौड़ाकर मारने लगते हैं। इस तरह की कई घटनाएं शहर में हो चुकी हैं।

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पशुओं को सड़क पर छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

नगर पालिका परिषद पडरौना के अध्यक्ष विनय जायसवाल का कहना है कि शहर में घूमने वाले छुट्टा पशुओं को पकड़ कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जा रहा है, लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जो रात में दूध पीना छोड़ चुके बछड़ों को शहर में छोड़ दे रहे हैं। यदि किसी मोहल्ले में इस तरह के पशु दिखाई दें तो नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि उन्हें तत्काल पकड़वा कर सुरक्षित स्थान पर भिजवाया जा सके। इसके अलावा शहर में घूम रहे दूधारू गोवंश को चिन्हित कर संबंधित पशुपालकों को शहर में छोड़ने से मना किया जाएगा। यदि वे यदि नहीं मानेंगे तो उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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