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Kushinagar News: शिक्षा निदेशक तक पहुंचा मामला, परीक्षार्थियों को राहत की उम्मीद

Sun, 15 Feb 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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गोस्वामी तुलसी इंटर कॉलेज में पहुंचे प्राइवेंट नामांकन वाले छात्र। स्रोत -सोशल मीडिया - फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज, पडरौना में इंटर की परीक्षा में पंजीकृत 700 परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र निरस्त होने का मामला शिक्षा निदेशालय तक पहुंचा गया है। अग्रसारण केंद्र की तरफ से निदेशालय को उपलब्ध कराए गए प्रपत्रों के अनुसार बोर्ड के खाते में 11,64,864 रुपये परीक्षा शुल्क ऑनलाइन भेजा गया है, जिसके आधार पर बोर्ड ने अनुक्रमांक जारी कर प्रयोगात्मक परीक्षा कराया था। उधर, विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने को लेकर असमंजस में हैं। प्रवेश पत्र नहीं आने पर कुछ परीक्षार्थी ने कॉलेज में हंगामा किए थे, जबकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कॉलेज में किसी भी छात्र ने हंगामा नहीं किया था। भ्रमवश संस्थागत कुछ छात्र कॉलेज आए थे, उन्हें पूरी जानकारी दे दी गई।
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शिकायत के आधार पर हुई जांच में गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज, पडरौना में इंटर परीक्षा वर्ष 2026 में सम्मिलित होने वाले 700 परीक्षार्थियों के प्रपत्रों में कई अनियमितताएं मिली। जांच के दौरान पत्राचार पाठ्यक्रम के तहत इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के शुल्क पत्राचार शिक्षण संस्थान को निर्धारित तिथि 20 सितंबर, 2024 तक जमा नहीं किया गया था। व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों के कॉलमों में आवश्यक विवरण भी अंकित नहीं किया गया था।
आवेदन पत्रों के साथ अर्हता प्रमाण पत्र और पत्राचार एक वर्षीय अथवा दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित अर्हता प्रमाण पत्र भी संलग्न नहीं थे। पत्राचार पंजीकरण केंद्र में पंजीकृत परीक्षार्थियों के जरूरी प्रमाण पत्रों पर नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी, प्रधानाचार्य पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर काॅलेज, बिंदवलिया के हस्ताक्षर के स्थान पर गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक का हस्ताक्षर मिला, जो उनके क्षेत्राधिकार में ही नहीं है।
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इसके अलावा पत्राचार शिक्षा संस्थान उप्र प्रयागराज से पत्राचार अनुसरण प्रमाण पत्रों की अनुमति नहीं ली गई और बीते वर्षों के प्रमाण पत्रों के क्रमांकों को बिना अनुमति के अवैध रूप से प्रयुक्त किया गया। इस तरह की हुई अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज के सभी 700 परीक्षार्थियों को इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है। इसको गंभीरता से लेते माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज सचिव भगवती सिंह ने अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद गोरखपुर को पत्र जारी कर सभी 700 छात्रों को परीक्षा के लिए अपात्र घोषित करते हुए परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा पर रोक लगाने का निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा पंजीकरण केंद्र के नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी और प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं कॉलेज के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक ने कहा कि शिकायत पूरी तरह निराधार है। अग्रसारण केंद्र की तरफ से बोर्ड के खाते में 11,64,834 रुपये परीक्षा शुल्क जमा किया गया है। सभी प्रपत्रों पर नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। इसका साक्ष्य उपलब्ध है। इसके बाद ही बोर्ड ने परीक्षार्थियों का अनुक्रमांक जारी कर प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए परीक्षक नियुक्त किया। इन सभी परीक्षार्थियों को बीते दो फरवरी से नौ फरवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षा भी हुई है।
उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला शिक्षा निदेशक समेत शासन के संज्ञान में है। पूरा प्रकरण में किसी भी स्तर पर अनियमितता नहीं हुई है। उधर शनिवार की दोपहर कुछ छात्र कॉलेज पहुंचकर प्रवेश पत्र को लेकर हंगामा करने लगे, जबकि प्रधानाचार्य नागेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि कॉलेज में कोई भी छात्र हंगामा नहीं किया है। कुछ संस्थागत छात्र भ्रमवश कॉलेज में प्रवेश पत्र के बारे में पूछने आए थे, उन्हें पूरी जानकारी देने के साथ उनका प्रवेश पत्र भी दे दिया गया है।

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अनुक्रमांक निरस्त हुए व्यक्तिगत छात्रों के संबंध में अभी तक किसी भी तरह का निर्देश नहीं मिला है। उच्चाधिकारियों की तरफ से मिले निर्देश का अनुपालन किया जाएगा। -श्रवण कुमार गुप्ता, डीआईओएस, कुशीनगर।
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