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Kushinagar News: बाजार में मिलावटी सामानों की भरमार...जांच-परखकर करें खरीदारी

Mon, 22 Sep 2025 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना शहर में बिक्री के लिए रखा गया तील का तेल।संवाद
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पडरौना। शारदीय नवरात्र सोमवार से शुरू हो रहा है। नवरात्र में व्रत रहने वाले श्रद्धालु फलाहार में कुट्टू और सिंघाड़े का आटा इस्तेमाल करते हैं, जो काफी महंगा है। इससे कुछ दुकानदार मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावट कर रहे हैं, तो कुछ कारोबारी पिछले सीजन के खराब हो चुके आटे को खपाने की कोशिश में लगे हैं। इतना ही नहीं बाजार में देसी घी और चंदन भी मिलावटी बिक रहे हैं।
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करीब एक करोड़ का मिलावटी सामान धंधेबाज खपाने की तैयारी में हैं। ऐसे में नवरात्र पर पूजन सामग्री और फलाहार की खरीदारी करते समय जांच परख करना जरूरी है। शहर के गुदरी बाजार के एक दुकान पर देसी घी के पैकेट पर खाने योग्य नहीं लिखा था। लोग जानकारी के अभाव में सस्ता जानकार उसे खरीद रहे हैं। यही हाल हवन सामग्री, चंदन, धूप और पूजन के अन्य सामानों का है।
सूत्रों की मानें तो केले को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है। चंदन, धूपबत्ती, हवन सामग्री आदि सामान में भी घालमेल है। सबसे ज्यादा लोगों की सेहत के लिए खतरा कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से है, क्योंकि खराब आटे के सेवन से व्रत तो टूटेगा ही, साथ ही फूड प्वाइजनिंग हो सकती है, जिससे आप अस्पताल तक पहुंच जाएंगे।
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आटा खरीदने से पहले लोगों के पास गुणवत्ता की पहचान करने का कोई तरीका नहीं है। इसलिए जानकारों की सलाह है कि विश्वसनीय दुकान से ही कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की खरीदारी करें। ज्यादातर कारोबारी गोरखपुर मंडी से थोक सामान मंगा रहे हैं। सबसे अधिक मांग, तिल के तेल, मुंगफली, कुट्टू का आटा, मखाना, लावा, घी का है।
शहर के छुछिया गेट के किराना दुकानदार सुनील मद्धेशिया ने बताया कि बाजार में सस्ते के चक्कर में कोई खराब गुणवत्ता वाली सामाग्री मिल जाएगी। कुट्टू का आटा 70 से लेकर 75 तक यदि मिले तो मान लें कि उसमें मिलावट की गई है। बाजार में सांवा का चावल 60 रुपये किलो मिलावट वाला ही मिलेगा। बाजार में सिर्फ कुछ लोग ही अच्छे कारोबारियों का नाम खराब करने में लगे हैं।

पुराना सामग्री खपाने के लिए सस्ता कर देते हैं रेट
पूजा पाठ में लोग दीप जलाने के लिए तिल का तेल या देसी घी का प्रयोग करते हैं। बाजार में मिलने वाले तिल का तेल और घी की क्वालिटी घटिया है। हवन सामग्री, रोली, कुमकुम, पूजा की हल्दी आदि की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। तिलक चौक के पूजन सामग्री विक्रेता विजय शंकर गुप्ता ने बताया कि बाजार में शुद्ध तिल 145 से 150 रुपये लीटर है। मिलावट वाले तिल का तेल 100 रुपये प्रति लीटर मिल जाएगा। मिलावट वाला सभी कारोबारी नहीं रखते हैं। यह सिर्फ कुछ दुकानदारों के पास पास मिल सकता है।



त्योहार में चढ़ गए फलों के दाम
पडरौना। नवरात्रि पर फलों के दाम भी चढ़ गए हैं। नगर के प्रमुख चौराहों पर फलों की दुकानों पर फलाहार के लिए लोग फल खरीदते नजर आए। त्योहार के कारण करीब 10 से 20 रुपये का अंतर नजर आया। दुकानदारों का कहना है कि गुणवत्ता के अनुसार फलों का रेट निर्धारित होता है। त्योहारी सीजन में थोक रेट में बढ़ोत्तरी आगे से होती है। इसलिए इसका असर स्थानीय बाजार पर पड़ता है।
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