पडरौना। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओंं की नियुक्ति में जमकर खेल हुआ है। अभी तक चयनित अभ्यार्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए आवेदक डीपीओ कार्यालय पहुंच रहे हैं और भ्रम में पड़े हैं। दलालों के माध्यम से आवेदन करने वालों के पास फोन कर नियुक्ति पत्र देने के लिए रकम की मांग की जा रही है, जबकि तीन पूर्व दस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नियुक्ति पत्र प्रभारी मंत्री के हाथों दिया जा चुका है। विकास भवन स्थित डीपीओ कार्यालय के पास मिली कुबेरस्थान क्षेत्र के पिपरा जटामपुर निवासी निक्की श्रीवास्तव अपने ससुर अशोक श्रीवास्तव के साथ आईं थीं। उन्होंने बताया कि एमए, बीटीसी और कम्प्यूटर कोर्स की हूं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन की थी। आवेदन जमा करते समय बताया गया था कि उन्हें फोन जाएगा, लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से न तो उन्हें कोई फोन आया है और न ही कोई पत्र मिला है।
आज उसी के बारे में पता करने आई हूं तो जानकारी हुई कि गांव में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन किसकी नियुक्ति हुई है। इसकी न तो कोई सूची चस्पा की गई है और न ही कार्यालय के कर्मचारियों ने जानकारी दिया। इसके चलते आवेदन करने वालों में अभी भी भ्रम की स्थिति बनी है। पडरौना ब्लॉक के ग्राम सभा जिगना निवासी शाहिना खातून जिला कार्यक्रम अधिकारी के नाम शिकायती पत्र दिया। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी भर्ती के लिए आवेदन किया था। मेरिट में भी मेरा एक नंबर था, लेकिन विभाग फर्जी तरीके से गांव के नीलू सिंह का चयन कर लिया है। विभाग चयनित अभ्यार्थियों की सूची सावर्जनिक करने के बजाए दबाए बैठा हैं और दलालों के माध्यम से फोन कर रुपये की मांग करा रहा है। इनका आरोप लगाया कि चयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मेरिट उनकी मेरिट से कम है। उनकी आय 46,000 से अधिक है।
चयनित अभ्यर्थी तथ्य छिपाकर आय प्रमाण पत्र बनवाया है। शिकायतकर्ता साहीना ने जांच करने की मांग की है। इसी तरह विशुनपुरा क्षेत्र के ग्राम बिंदवलिया निवासी माधुरी ने बताया कि नियमानुसार पड़ोस गांव त्रिलोकपुर खुर्द और त्रिलोकपुर बुजुर्ग के रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन की थी। बीते 13 फरवरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय से फोन बुलाया गया था। सभी प्रमाण पत्रों की जांच हुई, लेकिन उनके कम नंबर वाले अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया है। दस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नियुक्ति पत्र प्रभारी मंत्री के हाथों दिया जा चुका है।