कुशीनगर। बिहार प्रांत के मदनपुर जंगल से भटककर आया तेंदुआ करीब 15 घंटे तक क्षेत्र के चार गांवों में दहशत का पर्याय बना रहा। इस दौरान छह लोगों को घायल भी किया।
पुलिस और बिहार व कुशीनगर की वन विभाग की टीम की कोशिशों के बाद भी जब वह पकड़ में नहीं आया तो गोरखपुर चिड़ियाघर की टीम बुलाई गई, जिसने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 12 बजे उसे बेहोश कर काबू किया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे तेंदुआ बिहार के बगहा जिले के पिपरासी गांव में पहली बार दिखा, वहां भी उसने पांच लोगों को घायल किया और वहां से भागकर जिले में दाखिल हुआ और यहां माघी कोठिलवा गांव में एक व्यक्ति पर हमला कर घायल कर दिया। उसके बाद शुक्रवार दोपहर में काबू में आने से पहले उसने क्षेत्र क चार गांवों में दहशत फैलाए रखा। बताया जा रहा है कि तेंदुए के हमले की सूचना पर रात में ही वन विभाग की टीम गांव में पहुंची लेकिन खानापूरी कर लौट आई।
इसके बाद तेंदुए ने आसपास के चार गांवों में दहशत फैलाई, जिसके हमले में झह लोग घायल हो गए। गांव वालों का कहना था अगर रात को ही वनकर्मी सक्रिय हो गए होते तो शुक्रवार को सुबह तेंदुआ छह लोगों पर हमला नहीं किया होता। बताया जा रहा है कि तेंदुआ माघी कोठलिवा गांव में रामअधार सिंह के घर में छिप गया। तेंदुए के घर में घुसने के बाद परिवार के चार लोग खुद को एक कमरे में बंद कर लिए।
पुलिस और वन विभाग की टीम करीब दो घंटे बाद रेस्क्यू करने के बाद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग की टीम ने रामअधार सिंह के घर को जाल से चारों तरफ से घेर दिया और चिड़िया घर से टीम के आने का इंतजार करने लगी।
इस दौरान तेंदुआ घर के रोशनदान के रास्ते बाहर निकल गया। बाहर मौजूद जरार के विवेक कुशवाहा (35) पर हमला कर दिया। इस दौरान लोग लाठियों से तेंदुए को जमीन पर दबा दिया था, लेकिन जाल लाने में देरी के कारण तेंदुआ पास के ह्यूम पाइप में घुस गया। जाल से ह्यूम पाइप को वनकर्मियों ने घेर दिया। दिन में 11 बजे गोरखपुर चिड़िया घर से दो सदस्यीय टीम पहुंची और रेस्क्यू के बाद तेंदुए को काबू किया।
पूर्णहा मिश्र गांव में तेंदुआ को देखने के लिए पुलिया पर खड़ी लोगों की भीड़ व मौजुद पुलिसकर्मी।
पूर्णहा मिश्र गांव में तेंदुआ को देखने के लिए पुलिया पर खड़ी लोगों की भीड़ व मौजुद पुलिसकर्मी।