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Kushinagar News: शिकारियों के जाल में फंसा, सरकारी जाल से भाग निकला तेंदुआ

Sun, 18 Jan 2026 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कांबिंग करती वन विभाग की टीम।स्रोत-सोशल मीडिया
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खड्डा। गन्ने के खेत में जंगली सुअर पकड़ने के लिए लगाए गए तार के फंदे (कंपास) में फंसा तेंदुआ महराजगंज से आई वन विभाग की टीम की लापरवाही से कब्जे से भाग गया। कुशीनगर वन विभाग टीम की ओर से की गई जांच में दूसरे दिन इसकी पुष्टि हुई।
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शुक्रवार को पूरे दिन वन विभाग की टीम ने कांबिंग की, लेकिन तेंदुए का पता नहीं चला। वहीं सिसवा गोपाल गांव के लोगों की रात दहशत में कटी, गांव के चारों ओर वन विभाग की टीम कैंप कर रही है। दूसरे दिन भी जाल में तेंदुआ नहीं पकड़ में आया। खड्डा तहसील क्षेत्र के सिसवा गोपाल गांव के सरेह में राजेश श्रीवास्तव के गन्ने के खेत में बृहस्पतिवार को तेंदुआ कंपास में फंसा था। सुबह गांव वालों ने देखा तो वन विभाग को सूचना दी। खड्डा क्षेत्र के वन विभाग की टीम पहुंचकर अभी तेंदुआ को जाल में फंसाने की तैयारी कर रही थी, इसी बीच महराजगंज से वन विभाग की टीम पहुंची और तेंदुए को जाल में कैद कर लिया।
इस दौरान एक वनकर्मी पर तेंदुआ हमला कर जाल फाड़कर भाग निकला। इस दौरान दो युवक घायल हो गए। वन विभाग ने तीन टीम गठित कर गांव में तैनात कर दिया। पूरी रात वनकर्मियों और स्थानीय पुलिस की निगरानी में गांव वालों की रात कटी। शुक्रवार को पूरे दिन सरेह में वन विभाग की टीम कांबिंग की, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखाई दिया। वन विभाग की जांच में पता चला कि महराजगंज से आई टीम कुशीनगर की टीम के मना करने के बाद भी जल्दबाजी दिखाई और कंपास में पहले से फंसे तेंदुए को जाल में पकड़ लिया और तेंदुआ भाग निकला।
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इसके बाद से दोनों जिले की वन विभाग की टीम कांबिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। डीएफओ और रेंजर अपनी टीम के साथ दूसरे दिन भी गांव में पहुंंचकर गांव वालों को सतर्कता बरतने को कहा। शुक्रवार को शाम ढलते ही गांव वाले अपने घरों में छिप गए।

क्या है कंपास
शिकारी जंगली सुअर या छोटे जानवरों का शिकार करने के लिए खेतों या झाड़ियों में जमीन की खुदाई कर साइकिल या बाइक को धंसा देते हैं। घूमते समय जानवरों का पैर इसमें फंस जाता है। बिना शिकारी की मदद से कंपास में फंसे जानवरों का निकलना मुश्किल रहता है।
गन्ने के खेत में लगाए गए कंपास में तेंदुए के फंसने का दावा गांव वालों का है, लेकिन वन विभाग की टीम को मौके कुछ भी नहीं मिला। कल तक वन विभाग की टीम गन्ने के बीच (झुटई) में तेंदुए का पैर फंसने की बात कह रही थी।

तीन वर्ग किमी में फैला है सिसवा गोपाल का सरेह
सिसवा गोपाल और आसपास के गांव का सरेह करीब तीन वर्ग किमी में फैला है। इसमें वर्तमान समय में गन्ने की फसल लगी है। इस सरेह में तेंदुआ की तलाश करना वन विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। वन विभाग की टीम दोपहर में सरेह में कांबिंग की। सरेह का क्षेत्र महराजगंज जिले से सटा होने के कारण दूसरे छोर पर महराजगंज की वन विभाग की टीम भी कांबिंग की। दोनों जिले की टीम की सक्रियता बरत रही हैं।

गांव के बाहर भेड़ का शव मिला
पकड़ी बृजलाल गांव निवासी राजेश पाल का भेड़ गांव से दो दिन पहले गायब हो गया था। भेड़ का शव सरेह में शुक्रवार को मिला, जहां भेड़ का शव मिला है, वहां पर तेंदुए का पदचिन्ह भी मिला है।
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