कुशीनगर। रामकोला क्षेत्र के लालाछपरा गांव के बढ़ई टोला निवासी अशोक कुमार शर्मा के पिता पारस शर्मा 30 वर्ष पूर्व अपना गांव छोड़ कर स्थानीय बाजार के देवरिया बाबू रोड पर धोधरही गांव में बस गए। पारस शर्मा आज भी बढ़ई का काम करते है, लेकिन इनके बड़े बेटे अशोक शर्मा और छोटा भाई जीतेंद्र शर्मा गोरखपुर में देवरिया बाईपास रोड पर टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय खोलकर लोगों के लाखों रुपये हड़पकर भाग गया है। गोरखपुर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है। गोरखपुर पुलिस का दावा है कि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कुशीनगर आई पुलिस टीम मंगलवार की भोर में महराजगंज के श्यामदेउरवा में हादसे का शिकार हो गई। हादसे में एक दरोगा की मौत भी हो गई है, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आए।
लालाछपरा गांव निवासी पारस शर्मा के तीन बेटे हैं। सबसे बड़े अशोक कुमार शर्मा और मझले भाई परिवार के साथ निवासा पर ससुराल में रहते हैं। अशोक कुमार शर्मा अपने छोटे भाई जीतेंद्र शर्मा के साथ देवरिया बाबू रोड पर बढ़ईगीरी कर परिवार का भरणपोषण करता था। करीब दस वर्ष पूर्व अशोक और जीतेंद्र ने पैसे के लेन-देन का धंधा शुरू किया था। गांव वालों के अनुसार, दरवाजे पर पहले लोगों की भीड़ लगती थी। लेन-देन के मामले बढ़ने पर कुछ दिन बाद अशोक कुमार शर्मा अपने परिवार के साथ गोरखपुर चला गया और इन दिनों लापता चल रहा है।
अशोक कभी-कभी रात को लक्ष्मीगंज बाजार में आता था और चुनिंदा लोगों के साथ दिखता था। जीतेंद्र शर्मा यहीं रहकर फर्नीचर की दुकान चलाता है। बीच में जितेंद्र शर्मा भी दुकान से कई दिन लापता रहता था। करीब तीन महीने से जीतेंद्र शर्मा की फर्नीचर की दुकान बंद है। इस समय घर पर ताला बंद है। गांव वालों ने बताया कि अशोक कुमार शर्मा की मां घर पर रहती हैं लेकिन पिता पारस शर्मा कभी-कभी बाजार में दिखाई देता है। गांव वालों ने बताया कि नेपाल के नवलपरासी में अशोक का आना जाना पहले से है। भारत से सटे नेपाल के महेशपुर गांव में उसके एक करीबी का घर है। अशोक वहीं रहता है।
सूत्रों के मुताबिक, सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध कर नेपाल की ओर भाग जाना जालसाजों की पुरानी फितरत रही है। कुशीनगर से सटा पश्चिम चंपारण और नेपाल के नवलपरासी, बुटवल, सोनौली जैसे इलाके अपराधियों के लिए पनाहगाह बन रहे हैं। खुली सीमा और स्थानीय नेटवर्क का फायदा उठाकर आरोपी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने में सफल हो जाते हैं।पिछले कुछ समय में ठगी, साइबर फ्रॉड, कंपनी घोटालों, चोरी-डकैती और हत्या जैसे मामलों में यह ट्रेंड सामने आया है कि आरोपी वारदात के बाद पश्चिम चंपारण के बगहा बेतिया होते नेपाल की सीमा में दाखिल हो जाते हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में दोनों देशों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया तंत्र की मजबूती बेहद जरूरी है, ताकि अपराधियों को सुरक्षित ठिकाना न मिल सके। हादसे में दरोगा की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। एक ओर पुलिस अपराधियों की तलाश में जान जोखिम में डाल रही है, वहीं दूसरी ओर सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं।
वर्जन
सीमा सुरक्षा, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय तथा स्थानीय स्तर पर सतर्कता ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। - वीरेंद्र सिंह, सीओ खड्डा