पडौना। दिवाली का पर्व शनिवार को धनतेरस के साथ शुरू हो जाएगा। धनतेरस को धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बर्तन व चांदी की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। सोमवार को दिवाली, 22 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा और 23 को भैयादूज का पर्व मनाया जाएगा। छह दिवसीय पर्व के लिए घर, मंदिर रंग-बिरंगी लाइटों से सजने लगे हैं। बाजारों में ग्राहकों की मांग बढ़ने लगी है। शुभ मुहूर्त में धनतेरस पूजा, दिवाली पर दीपदान किया जाएगा जो शुभ होता है।
विजयपुर निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित अंजनेय मिश्र ने बताया कि दिवाली पर्व का शुभारंभ धनतेरस शनिवार से होगा। धनतेरस को धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। धनतेरस पर दोपहर 12:30 के बाद खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त शुरू हो रहा है। इसलिए दोपहर बाद ही खरीदारी करना शुभ होगा। इस दिन बर्तन खरीदना, लक्ष्मी-नारायण पूजन और सोने व चांदी की वस्तुएं खरीदनी शुभ मानी जाती हैं। धनतेरस पर सायं ही मंदिर में सरसों के तेल से दीप जलाकर रखें, जो सुबह तक चले। इससे लक्ष्मी मां प्रसन्न होती हैं और उस घर में प्रवेश करती हैं। इस दिन दीपदान करना भी शुभ माना जाता है।
दिवाली का पर्व 20 अक्तूबर सोमवार को मनाया जाएगा। दिवाली के दिन लक्ष्मी नम: इंद्राय नम: कुबेरा नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:07 से रात 9:02 बजे तक रहेगा। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से लक्ष्मी माता प्रसन्न होती हैं। उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुराण के अनुसार दिवाली पर 26 दीपदान का विशेष महत्व है। इसलिए दीपदान जरूर करें। 22 अक्तूबर बुधवार को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी। इस दिन भगवान कृष्ण और गोमाता को 56 प्रकार का भोग लगाएं। गोवर्धन पूजा दिन में किसी भी समय की जा सकती है। पूरा दिन पूजा का शुभ मुहूर्त है। गोमाता की पूजा करने से भगवान कृष्ण की असीम कृप्या प्राप्त होती है। भैयादूज का पर्व बहन-भाई के लिए विशेष महत्व रखता है। इस साल भैयादूज का पर्व 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त
पंडित राजकिशोर मिश्र ने बताया कि पंचांग के अनुसार, इस वर्ष धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ रही है। यह 18 अक्तूबर शनिवार को शुरू होकर अगले दिन 19 अक्तूबर दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी। इसलिए धनतेरस का पर्व 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा। धनतेरस की पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय शाम का माना गया है, जो सायं 7:16 बजे से 8:20 बजे तक रहेगा। इसी दौरान पूजा करने से अधिक लाभ और समृद्धि प्राप्त होती है। धनतेरस के दिन शाम को विशेष काल भी होते हैं, जिनका ध्यान रखना चाहिए। इसमें प्रदोष काल शाम के शाम 5:48 बजे से रात 8:20 बजे तक और वृषभ काल शाम के रात 7:16 बजे से रात 9:11 बजे तक रहेगा। इन कालों में की गई पूजा और खरीदारी विशेष फलदायक मानी जाती है।