रामकोला सीएचसी में विवाद के बाद खड़े मरीज। संवाद
रामकोला। सीएचसी प्रभारी के कक्ष में एक दवा दुकानदार घुसकर दबंगई दिखाते हुए मरीज के पर्ची पर मनचाही दवा लिखवाने को लेकर भिड़ गया। विरोध करने पर दुकानदार ने हंगामा खड़ा कर दिया। इससे नाराज डॉक्टर ओपीडी ठप कर थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। मामला बढ़ता देख थानाध्यक्ष ने डॉक्टरों का समझाया और ओपीडी समाप्त करने के बाद आने की बात कही। इसके बाद डॉक्टर लौटे और मरीजों का इलाज किया। इसको लेकर करीब दो घंटे तक अस्पताल पर अफरा-तफरी मची रही।
रामकोला सीएससी पर आए मरीजों का इलाज बुधवार को डॉक्टर कर रहे थे। सीएचसी प्रभारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे थे। बीमारी को देखते हुए बाहर से भी दवा डॉक्टर लिख रहे थे। सीएचसी प्रभारी ने एक महिला मरीज को बाहरी पर्ची पर दवा लिखी थी। अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर पर महिला दवा लेने गई तो दवा दुकानदार महिला को दुकान पर बैठा दिया और बोला कि डॉक्टर साहब की लिखी हुई दवा समझ में नहीं आ रही है पूछकर आता हूं। सीएचसी प्रभारी के कक्ष में दुकानदार मरीज की पर्ची लेकर पहुंचा और बोला कि यह दवा मेरे यहां नहीं है। इसकी जगह पर दूसरी दवा लिख दीजिए। डॉक्टर ने दूसरी दवा पर्ची पर लिखने से मना कर दिया। इसको लेकर दुकानदार सीएचसी प्रभारी से उलझ गया और ओपीडी में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर बाकी डॉक्टर भी सीएचसी प्रभारी के कक्ष में पहुंच गए। इसके बाद दुकानदार डॉक्टर को धमकाते हुए वहां से चला गया। नाराज डॉक्टरों ने ओपीडी ठप कर दिया और थाने पर चले गए। थानाध्यक्ष से सीएचसी प्रभारी ने शिकायत दर्ज कराई। डॉक्टरों के जाने के बाद अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीज परेशान हो गए। थानाध्यक्ष ने डॉक्टरों को समझाकर सीएचसी पर भेजा। विवाद के चलते दो घंटे तक ओपीडी ठप रही। डॉक्टरों ने सीएचसी पर सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि दुकानदार दलालों के माध्यम से अपनी मनचाही दवा बाहर की लिखवाना चाहते हैं। मना करने पर मारपीट पर आमदा हो जाते हैं।