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Kushinagar News: मियाद 30 दिन...पांच माह बाद भी नहीं मिल रहा जन्म प्रमाणपत्र

Sat, 13 Sep 2025 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना ब्लॉक परिसर में जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन जमा करते लोग। संवाद   
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पडरौना। डीएम की सख्ती के बाद भी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चार से पांच माह से एक हजार से ज्यादा आवेदक ब्लॉक व तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारियों की हीलाहवाली व अधिकारियों की उदासीनता के कारण जन्म प्रमाण पत्र के आवेदक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही तहसील स्तर के कर्मचारियों की ओर से बरती जा रही है, ब्लॉक से प्रमाण पत्र के कागजात तहसील भेजने के बाद कई-कई महीनों तक न तो प्रमाण पत्र बन पाता है और न ही अभिभावकों को सही जानकारी दी जाती है। जिले के 14 ब्लॉकों व छह तहसीलों में कुल 1000 से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं।
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शासन के नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण के लिए ब्लॉक में आवेदन करना होता है, जबकि निकाय क्षेत्र में जन्मे बच्चों के प्रमाण पत्र के लिए संबंधित निकाय में आवेदन किया जाता है। ब्लॉक स्तर के आवेदन तहसील व निकाय के आवेदन सिटी मजिस्ट्रेट के यहां भेजे जाते हैं। यहां से सत्यापन के बाद यह प्रपत्र फिर से ब्लॉक आते हैं और संबंधित व्यक्ति को दे दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया में लगभग एक माह का समय लग जाता है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते कई माह से जिले में विभिन्न तहसीलों व ब्लॉकों में आवेदन लंबित पड़े हैं। आवेदक ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कई आवेदक तहसील के चक्कर लगाते हैं। इस काम के लिए चार से पांच माह तक का समय लग जा रहा है। कई आवेदक थक हारकर बैठ जाते हैं। इसके बावजूद विभागीय कर्मचारियों की कार्य प्रणाली में सुधार नहीं आ रहा है। सदर ब्लॉक में मिले शिवपुर के रमेश जायसवाल ने बताया कि वे अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र के लिए करीब तीन माह पहले आवेदन किया था। ब्लॉक कार्यालय में बताया गया कि उनका आवेदन तहसील भेज दिए गए है। लगभग छह महीने बीतने को है, लेकिन प्रमाण पत्र नहीं मिल सका। किसी भी कार्यालय का कोई भी कर्मचारी सही जानकारी तक नहीं देता है।
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