पडरौना। बदलते मौसम में डायरिया और फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ गया है। खान-पान में थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना डायरिया और फूड प्वाइजनिंग के 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मामले बासी और खुले में रखे भोजन के सेवन से हो रहे हैं। डॉक्टर दवाओं के साथ ताजा भोजन करने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में नमी और उमस बढ़ने से बैक्टीरिया तेजी से पनप रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में 10 दिनों में इमरजेंसी और मेडिसिन वार्ड में डायरिया, उल्टी और फूड प्वाइजनिंग के 200 से ज्यादा मरीज आए हैं। इनमें बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा हैं। पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार, कमजोरी और शरीर में ऐंठन की शिकायत लेकर पहुंचे अधिकतर मरीजों ने बासी खाना या बाहर का कटे हुए फल-सब्जी के सेवन की बात बताई।
मेडिसिन विभाग के डॉ. तुषार त्रिपाठी ने बताया कि खाना बनने बाद उसे दो घंटे के अंदर खा लें। फ्रिज में रखा खाना भी दोबारा गर्म करके ही खाएं। दवा के साथ हर मरीज को तीन बातें बताई जा रही हैंं। ताजा भोजन करें। हमेशा उबला या आरओ का पानी पीएं। देर का कटा फल न खाएं और खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।