मेडिकल कॉलेज में नवजात की मौत के बाद हंगामा करते परिजन व मौजुद पुलिस। स्रोत -सोशल मीडिया
पडरौना। मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में भर्ती नवजात बच्ची की बृहस्पतिवार की रात मौत हो गई। परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। इससे अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर गार्ड और पुलिसकर्मी पहुंचे और लोगों को शांत कराया। घर वालों ने स्टाफ नर्स पर वसूली का आरोप लगाया है। इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य और सीएमओ से शिकायत की गई है।
रामकोला क्षेत्र के टेकुआटार खैरटवा निवासी रोहित कुमार अनुराग का कहना है कि कसया के एक निजी अस्पताल में 22 जुलाई की शाम को पत्नी का प्रसव हुआ। 23 जुलाई को सुबह नवजात को दूध पीने में दिक्कत थी। ऑक्सीजन की जरूरत बताते हुए डाक्टर ने मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में भर्ती कराने की सलाह दी। 23 जुलाई को दोपहर नवजात को एनआईसीयू में भर्ती करा दिया गया।
आरोप है कि भर्ती के समय परिजनों को बताया गया कि बुलाने पर ही नवजात को देखने के लिए अंदर आना होगा। इस दौरान देखभाल के नाम पर एक स्टाफ नर्स ने 200 रुपये भी ले लिया लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। बृृहस्पतिवार की शाम करीब पांच बजे काफी आग्रह के बाद परिजनों को बच्ची को देखने की अनुमति दी गई। घर वाले एनआईसीयू में गए तो नवजात का शरीर पीला पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों का आरोप है कि उस समय एनआईसीयू में केवल एक नर्स मौजूद थी। हंगामा होने के बाद डॉक्टर पहुंचे और ऑक्सीजन देकर बच्ची को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से नवजात की जान गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रति डीएम और सीएमओ को भी भेजी है। भ