नित्यानंद पांडेय गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। पश्चिमी यूपी के अलावा स्थानीय स्तर और आसपास के जिलों के रास्ते हो रही तस्करी में युवा कैरियर के रूप में क्या जुड़े तस्करी की गति बदल गई।हाईवे पर सख्ती बढ़ी तो लिंक सड़कों से युवाओं ने तस्करी को अंजाम देना शुरू किया।
युवावस्था एक ऐसा पड़ाव होता है जहां दिमाग तो तीव्र चलता है और नए युवकों को चमक अधिक पसंद आती है। इसी का फायदा उठाते हुए कुख्यात तस्कर और सरगना अपने गैंग में नए लड़कों को शामिल कर रहे हैं। इससे कॅरिअर की उम्र में युवा कैरियर का काम कर जिंदगी को लग्जरी बनाने में जुटे हैं। बुद्धिमता को आत्मसात किए ये युवा निडरता से तस्करों के गैंग में शामिल हो जा रहे हैं, जहां उन्हें रुपयों की चमक घेर लेती है। रकम के लिए ये खाकी की ओर से बनाए गए नियम-कानून के बैरियर तक तोड़ आगे बढ़ जा रहे हैं।
तस्करी एक ऐसा अवैध कारोबार है। जिसमें शामिल होने वाले युवा या तो बड़े कारोबारी बन गए या फिर उनकी जिंदगी की डोर ही टूट गई। युवाओं की लालच और संलिप्तता बढ़ी, लेकिन तब तक पुलिस भी सक्रिय हो गई। मगर, कम उम्र के इन युवकों ने अपनी बुद्धिमता और तरकीब से तस्करी की गति को कम नहीं होने दिया। सूत्रों के मुताबिक इन युवाओं को काम से पहले प्रशिक्षण दिया जाता है और रास्ते में किसी भी अवरोध के वक्त नियम-कानून के बैरियर को तोड़ने की सलाह दी जाती है। जानकारों के अनुसार युवाओं का तस्करी की ओर उन्मुख होना कहीं न कहीं लालच और बेरोजगारी ही है।
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