पडरौना। जिला मुख्यालय के दमवतिया स्थित सरस्वती चौक से खिरकिया तक करीब 12 किलोमीटर लंबा बाईपास निर्माण का काम पूरा हो गया है। वहीं कप्तानगंज कस्बे में रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भी पूरा हो गया है। इससे अब दोनों ही जगहों पर राहगीरों को जाम से निजात मिलेगी। कार्यदायी संस्था इन दोनों निर्माण कार्यों के लोकार्पण की तैयारी में जुटी है। इसके बाद कार्यों के पूरा होने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
पडरौना शहर में आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए सरस्वती चौक से हरका होते हुए परसौनी कला स्थित मुख्य पश्चिमी गंडक नहर तक करीब नौ किलोमीटर और परसौनी कला से खिरकिया तक करीब तीन लंबे बाईपास के निर्माण के लिए शासन ने मंजूरी दी थी। इस निर्माण कार्य पर 55 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अब इस बाईपास सड़क का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया है। अब कसया की तरफ से दुदही, खिरकिया, जटहां बाजार, बांसी और बिहार की तरफ से जाने वाले लोगों को पडरौना शहर में नहीं आना पड़ेगा। लोग सरस्वती चौक से ही बाईपास पकड़कर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाएंगे।
इससे पडरौना में वाहनों का दबाव कम हो जाएगा, जिससे शहर के लोगों को जाम से निजात मिलेगी। इसके अलावा बाईपास किनारे बसे 12 गांव के लोगों को आवागमन की सहूलियत हो जाएगा। इस बाईपास का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस रास्ते वाहनों का आवागमन शुरू भी हो गया है। इसी तरह कप्तानगंज रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। कार्यदायी संस्था की तरफ से टेस्टिंग की प्रकिया चल रही है।
सबकुछ ठीक रहा तो इस माह के अंत में इस ओवरब्रिज से आवागमन शुरू हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक एनएच-730 पडरौना-कप्तानगंज मार्ग पर 27.75 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण, नाला और ओवरब्रिज निर्माण के लिए दिसंबर 2018 में 263.89 करोड़ रुपये बजट की मंजूरी मिली थी। निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने के कुछ दिन बाद ही सड़क और उसके किनारे नाला का निर्माण कार्य शुरू हो गया था, लेकिन ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अधर में लटका था।
लोगों की मांग पर जनप्रतिनिधियों की पहल पर किसी तरह ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन निर्माण कार्य की गति बेहद ही धीमी रही। रेलवे लाइन के दोनों तरफ ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रेलवे लाइल पर होने वाले निर्माण कार्य की मंजूरी मिलने में कार्यदायी संस्था को काफी समय लग गया। करीब नौ माह बाद रेलवे ने ट्रैक पर गर्डर रखने की मंजूरी दी। मंजूरी मिलने के तत्काल बाद कार्यदायी संस्था ने बीते 24 अप्रैल को रेलवे क्राॅसिंग पर लोहे का गर्डर रखने के काम शुरू कर दिया। अब ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
कार्यदायी संस्था ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की टेस्टिंग कर रही है। सबकुछ ठीक रहा तो इस माह के अंत तक टेस्टिंग की कार्रवाई भी पूरी कर लोगों के आवागमन के लिए ओवरब्रिज खोल दिया जाएगा। कस्बे में बने ओवरब्रिज से वाहनों का आवागमन शुरू होने से कस्बा में वाहनों का दबाव पूरी तरह कम हो जाएगा। इससे लोगों को जाम से निजात मिलने के साथ पड़ोसी जिला महराजगंज और गोरखपुर से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी।
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कप्तानगंज को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
कप्तानगंज रेलवे क्राॅसिंग कस्बे के बीच में है। यहां क्राॅसिंग बंद होने के बाद रेलवे लाइन के दोनों तरफ से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। इसके चलते कस्बा भी दो हिस्सों में बटा हुआ दिखाई दे रहा था। ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगवागमन आसान होगा।
महराजगंज और गोरखपुर की राह भी होगी आसान
कप्तानगंज रेलवे जंक्शन और पुराना कस्बा होने के साथ तहसील मुख्यालय है। इसके चलते महराजगंज के 15 किलोमीटर तक के लोगों का आना जाना रहता है। यह मार्ग महराजगंज, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर जिले को जोड़ता है। इसके चलते हर समय सड़क से वाहनों का आवागमन रहता है। ओवरब्रिज चालू होते ही परतावल बाजार, घुघली, सिसवा बाजार, निचलौल, महराजगंज, गोरखपुर से आने वाले लोगों के लिए आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाएगी।