खड्डा। कस्बे के विब्रांत अस्पताल में झोलाछाप की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत होने के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। नवजात का शव परिजन दफना दिए थे। पुलिस विवेचना में इसको शामिल करते हुए दफनाए गए शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराने की अनुमति जिला मजिस्ट्रेट से मांगा गया। अनुमति मिलने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नवजात का शव निकाला जाएगा।
खड्डा नगर के महाराणा प्रताप चौक के पास अवैध तरीके से संचालित हो रहे अस्पताल में हनुमानगंज थाना क्षेत्र के रामपुर जंगल गांव निवासी आसमां खातून को प्रसव के लिए एक दलाल झांसे में लेकर भर्ती कराया था। अपने को सर्जन बताने वाले झोलाछाप सैयद ने गलत तरीके से ऑपरेशन कर दिया, ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत हो गई, जबकि दूसरे दिन महिला ने दम तोड़ दिया। नवजात को रात को ही परिजन कब्रिस्तान में दफना दिए थे। दूसरे दिन हंगामा व बवाल के बाद पुलिस ने प्रसूता का शव ही पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इसके बाद एसडीएम मोहम्मद जफर की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया था। प्रसूता के पति सिकंदर की तहरीर पर सैयद के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर झोलाछाप को जेल भेज दिया है। अस्पताल के बोर्ड पर लगी बाकी चार डॉक्टरों की डिग्री की जांच के लिए पुलिस संपर्क करने का प्रयास कर रही है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है। खड्डा इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि नवजात का शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था, परिजनों उसका शव दफना दिए हैं। शव को कब्र से निकालने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को अनुमति के लिए पत्र लिखा गया है। नवजात के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद विवेचना में तेजी आएगी।