पडरौना। परिषदीय विद्यालयों में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते चूल्हे पर लकड़ी के धुएं के बीच बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) पकाया जा रहा है। स्कूलों को धुआं मुक्त करने के दावे गैस की किल्लत के चलते बेदम दिख रहे हैं।
हालात ये हैं कि स्कूल में रसोई गैस खत्म होने के तीन से चार दिन बाद बमुश्किल आपूर्ति हो पा रही है। रसोइयों को चूल्हे पर लकड़ी जलाकर भोजन पकाना पड़ रहा है। वहीं, कुछ स्कूलों में आज भी गैस कनेक्शन न होने से शिक्षकों काे मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गैस की किल्लत से जिले के 2,464 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के गरमा-गरम भोजन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों के स्कूलों को छोड़ दें तो ग्रामीण इलाकों में संचालित परिषदीय विद्यालयों की हालत बहुत खराब है।
प्रधानाध्यापकों का कहना है कि गैस सिलिंडर खत्म होने के बाद बुकिंग कराने व आपूर्ति होने में तीन से चार दिन बीत जा रहे हैं। इसके बावजूद सिलिंडर मिलने की गारंटी नहीं है। मजबूरन लकड़ी के चूल्हे पर एमडीएम बनाना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी के साथ ही गर्मी में रसोइयों की सेहत पर भी इसका असर पड़ेगा।
जिला प्रशासन व आपूर्ति विभाग ने मार्च में ही एजेंसी संचालकों को प्रधानाध्यापकों के प्रार्थना पत्र पर उन्हें गैस सिलिंडर की आपूर्ति के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। शनिवार को अधिकतर विद्यालयों में गैस की किल्लत सामने आई।
गैस सिलिंडर नहीं मिलने पर हंगामा : पिपरा कनक। पटहेरवा गांव स्थित पंचायत भवन में शनिवार को गैस सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। होम डिलीवरी की गाड़ी आई तो मौजूद उपभोक्ताओं की तुलना में बहुत कम गैस सिलिंडर थे। होम डिलीवरी की गाड़ी पर कम सिलिंडर देखकर कुछ उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर आई पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर मामला शांत कराया। तमकुहीराज गैस एजेंसी से पटहेरवा, बंजरी टोला, सेंदुरिया, नरायनपुर, बलुआ गांव के बड़ी संख्या में उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी से होम डिलीवरी की गाड़ी गांवों में नहीं आ रही है, बल्कि लबनिया, रजवटिया, पटहेरिया आदि से वितरण किया जा रहा है।
अधिवक्ता सुबास पाठक, आनंद कुमार का कहना था कि गैस की किल्लत से परेशानी हो रही है। प्रशासन को घर-घर तक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराए जाने की जरूरत है, ताकि उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान न होना पड़े।
फाजिलनगर क्षेत्र के विद्यालय में चूल्हे पर लकड़ी से खाना पकातीं रसोईया।संवाद
फाजिलनगर क्षेत्र के विद्यालय में चूल्हे पर लकड़ी से खाना पकातीं रसोईया।संवाद