कसया(कुशीनगर)। पुलिस ने किशोरी का अपहरण कर शादी के नाम पर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। मानव तस्करी, पाक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह किशोरियों का अपहरण कर शादी के बहाने बेचता था।
कसया थाना क्षेत्र की एक गांव की किशोरी 15 दिन पूर्व लापता को गई। लड़की मां ने कसया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि किशोरी का अपहरण कर शादी के नाम पर उसे बेच दिया गया है। इस घटना को संगठित गिरोह अंजाम दिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पैसे लेकर लड़कियों की शादी कराते थे। मुख्य आरोपी पिपरहिया निवासी सज्जाद, कसया के कांशीराम आवास में रहता था। कांशीराम आवास में ही रहने वाली हुस्नआरा व नबीहसन के साथ लड़कियों की खरीद-फरोख्त करता था। दोनों महिलाओं और कन्नौज के तेरवा थाना क्षेत्र के अहेर गांव निवासी मोहम्मद इरफान की मदद से किशोरी को कानपुर ले गया। इसके बाद कन्नौज जिले के एक मंदिर में इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के नगला धरमपुर गांव निवासी विकास कुमार से किशोरी की जबरन शादी करा दी। इसके बदले आरोपियों ने 80 हजार रुपये लिया था।
पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि काफी दिनों से यह नेटवर्क सक्रिय था। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि इस मामले में अपहरण, जबरन विवाह, मानव तस्करी, आपराधिक षड्यंत्र और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से जेल भेज दिया गया।