पडरौना। अपर मुख्य सचिव, उप्र शासन की तरफ से मिले निर्देश के बाद जिले के जर्जर हो चुके स्कूली भवनों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा की अध्यक्षता में सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग और सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग को सदस्य नामित किया गया है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि बेसिक शिक्षा की तरफ से परिषदीय विद्यालयों के परिसर में जर्जर हो चुके विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण पर विचार कर ध्वस्तीकरण के लिए संस्तुति मांग गई थी। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से ब्लॉकवार कुल 518 जर्जर स्कूली भवनों की सूची दी गई है। इन विद्यालयों भवनों का तकनीकी समिति की तरफ से विस्तृत जांच उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उनकी तरफ से मिली सूची के अनुसार जर्जर हो चुके 518 विद्यालयों के सापेक्ष अद्यतन 40 विद्यालयों का ही मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराया गया है। इसको गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की अध्यक्षता में तीन सदयीय टीम गठित की गई है। इस जांच टीम में सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी और सहायक अभियंता सदस्य लघु सिंचाई विभाग को सदस्य नामित किया गया है। गठित तकनीकी टीम को जर्जर हो चुके भवनों की विस्तृत जांच रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।