रकबाराजा में बनाई जा रही सड़क। संवाद
कुशीनगर/तमकुहीराज। तमकुहीराज से वाराणसी तक बनने वाले हाईवे के काम में तेजी आई है। देवरिया और कुशीनगर के अधिकतर किसानों की जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया गया है। बिहार में सड़क का जो हिस्सा पड़ रहा है, वहां विधानसभा चुनाव के कारण काम की गति सुस्त है।
कुशीनगर के तकुहीराज कस्बे के ओवरब्रिज चौराहा के समउर रोड से शुरू होकर यह सड़क सलेमपुर के न्यू बाईपास-727बी से जुड़ेगी। इसके निर्माण होने के बाद वाराणसी की दूरी 90 किमी कम हो जाएगी।
कुशीनगर से वाराणसी जाने के लिए लोगों को देवरिया या गोरखपुर से होकर जाना पड़ता है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के 7.800 किमी की दूरी के बाद बिहार सीमा के गोपालगंज जिले से होते हुए देवरिया के भाटपाररानी तहसील के बड़का गांव 35.400 किमी से भठवा तिवारी, भिंगारी, छपिया, मल्हना, पकड़ी बाबू, सिरसिया मिश्र, टेंगरी और सलेमपुर तहसील के मझौलीराज 52.345 किलो के बाद वहां से बिहार के मैरवा को यह सड़क जोड़ेगी।
बिहार में विधानसभा चुनाव के ंचलते भूमि अधिग्रहण सहित अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकी हैं। न्यू बाईपास सलेमपुर में यह हाईवे जुड़ेगा। मझौलीराज मोड़ पर चौक बनेगा और आठ मार्गों जुड़ेंगे। इसके लिए वहां पर क्राॅसिंग बनाया जाएगा। इसमें सलेमपुर-वाराणसी, सलेमपुर-सिवान, भागलपुर, देवरिया, सलेमपुर-बलिया, सलेमपुर-सिकंदरपुर, सलेमपुर-दोहरीघाट शामिल है। इससे कुशीनगर आने वालेे पर्यटकों को वाराणसी जाने की राह आसान हो जाएगी। अभी तक पर्यटकों को वाराणसी आने-जाने के लिए अधिक दूरी तय करने के अलावा परिवहन के लिहाज से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।