पडरौना। शहर में परंपरागत भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस रविवार की रात सतरंगी लाइटों के बीच निकाला गया। 13 अखाड़ों के खिलाड़ी ढोल-नगाड़ों के साथ शहर भ्रमण पर निकले। चौक-चौराहों और गलियों में खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। डोल मेले में झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। देर रात तक सड़कों पर आर्केस्ट्रा देखने के लिए भी भीड़ जमी रही।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शहर में करीब 100 वर्षों से डोल का जुलूस निकाला जाता है। इसमें शहर के प्रमुख चौराहों पर मेला लगता है। इसमें शहर समेत देहात क्षेत्र के लोग भी शामिल होते हैं। रविवार को डोल मेला होने के कारण सुबह से ही बाजारों की रौनक बढ़ गई थी। रोशनी की जगमगाहट के बीच रात करीब नौ बजे से 13 अखाड़ों की ओर से डोल जुलूस निकलने लगा। इसमें महावीरी अखाड़ा, श्रीबुढि़या माई सेवा समिति, श्री हरिकीर्तन सेवा दल कसेरा टोली, सुभाष चौक, साहबगंज, बावली चौक, तिलक चौक, दरबार रोड, बेलवा चुंगी, कोठा दरबार, छावनी लाला टोला आदि मोहल्लों से भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस निकाला गया।
जुलूस के साथ चल रहे अखाड़ों के खिलाड़ियों ने डंडा भांजते, शीशे के नुकीले भाग पर लेटते, आग के गोलों से खेलते हुए करतब दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, श्रीराम-जानकी, मां काली व देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत झांकियां डोल जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में घूमने के लिए न सिर्फ शहर के लोग शामिल हुए, बल्कि ग्रामीण इलाकों से भी आए लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया।
मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए सदर एसडीएम विवेक कुमार मिश्र व सीओ राकेश प्रताप सिंह की अगुवाई में सभी थानों की पुलिस, पीएसी व महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे। बड़ी-बड़ी ट्रालियों पर आर्केस्ट्रा का मंच लगा था। नर्तकियां कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही थीं। पूरी रात शहर की सड़कों पर युवक थिरकते हुए डोल जुलूस में चल रहे थे। हालांकि, आर्केस्ट्रा में नाचने के दौरान कुछ जगहों पर युवकों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के चलते कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी। एक-एक डोल आयोजकों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इस बार लगाई गई थी।