कुशीनगर के करमहा चौराहे पर स्थित मदनी मस्जिद कमेटी की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। मस्जिद के कुछ हिस्से का निर्माण प्रशासन ने नजूल और पुलिस विभाग की जमीन पर होने का हवाला देते हुए उसे बुल्डोजर से तुड़वा दिया था। इस मामले में मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट में अपील करेगी।
फरवरी 2025 में प्रशासन की ओर से मदनी मस्जिद के कुछ हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया था। प्रशासन का कहना था कि मस्जिद का यह हिस्सा नजूल एवं पुलिस विभाग की भूमि पर बना हुआ था। मस्जिद कमेटी को नोटिस दिए जाने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी।
वहीं, मस्जिद कमेटी ने कार्रवाई को अवैध बताते हुए आरोप लगाया था कि बिना पर्याप्त सुनवाई और प्रक्रिया पूरी किए बुलडोजर चलाया गया। मस्जिद पक्ष ने कार्रवाई पर रोक के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, प्रशासन का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका रद्द कर दी थी।
इसके बाद मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। 16 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी। एसडीएम योगेश्वर सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की काॅपी अभी नहीं मिली है।
आदेश के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मस्जिद कमेटी की याचिकाकर्ता अजमतुन्निशा के पति हाजी हामिद अली ने कहा कि अब हाईकोर्ट में अपील कर मजबूती से पैरवी की जाएगी।