पडरौना। वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्ति की ओर है। कोषागार के अभिलेखों के अनुसार कई विभागों में अभी भी आवंटित बजट की धनराशि अवशेष है। ऐसी स्थिति में आवंटित बजट का नियमानुसार समय से व्यय किया जाना संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारियों की जिम्मेदारी है। ऐसे में सभी संबंधित वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पहले कोषागार में सभी बिल प्रस्तुत करा दें।
यह जानकारी वरिष्ठ कोषाधिकारी, सुनील कुमार यादव ने दी। उन्होंने अंतिम समय में अनावश्यक हड़बड़ी के कारण त्रुटिपूर्ण भुगतान की संभावना बनी रहती है, इसलिए किसी भी स्थिति में अंतिम क्षणों की प्रतीक्षा न की जाएं। सभी आहरण एवं वितरण अधिकारी अनावश्यक विलंब एवं अप्रत्याशित तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए सभी बिल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 25 मार्च तक अनिवार्य रूप से कोषागार में प्रस्तुत कर दें।
उन्होंने बताया कि प्रस्तुत बिलों की आवश्यक जांच के बाद कोषागार की तरफ से बिलों की पासिंग कर ई-पेमेंट के माध्यम से 31 मार्च तक भुगतान के लिए ऑथराइजेशन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि कोषागार की तरफ से 31 मार्च की शाम पांच बजे तक ही ट्रांजेक्शन ऑथराइज किए जाएंगे, ताकि भारतीय रिजर्व बैंक के सर्वर पर ई-पेमेंट फाइलें रात 10:00 बजे तक अपलोड की जा सकें।