पडरौना। उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में सोमवार को भूगोल विभाग की तरफ से एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें पर्यावरणीय समस्याओं में शोध पद्धति की भूमिका विषय पर चर्चा की गई गई।
बीएचयू के प्रोफेसर विश्वंभर नाथ शर्मा ने कहा कि छात्रों को नई चुनौतियों एवं अवसरों के अनुरूप ढालना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार एवं तकनीकी समावेशन के माध्यम से ही विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव है। इसलिए छात्र-छात्राओं को स्थानीय समस्याओं पर शोध कर उसके समाधान के प्रति लोगों की सहभागिता बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने आद्रभूमि पर बढ़ता संकट, समाधान, संरक्षण एवं महत्व के साथ ही उसकी मानव जीवन और पर्यावरण के मध्य बढ़ते अंतराल के बोर में विस्तार से चर्चा कर छात्रों को पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान में शोध पद्धति की भूमिका बताई। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर ममता मणि त्रिपाठी और संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान डॉ. अमित कुमार वर्मा, डॉ. आजाद प्रकाश, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।