पडरौना। बिहार से आने वाले मोरंग लदे ट्रकों को जिले में एंट्री कराने वाले गिरोह से सांठगांठ में तरयासुजान के थानाध्यक्ष रामसहाय चौहान और बहादुरपुर पुलिस चौकी के इंचार्ज विक्रम अजीत प्रताप राय को एसपी ने शुक्रवार देर रात निलंबित कर दिया। इसके पहले भी शराब तस्करी के मामले में थानाध्यक्ष की लापरवाही और शह देने की शिकायत मिली थी। लंबे समय से चल रहे बालू ओवरलोड ट्रकों की एंट्री के खेल में पुलिसकर्मियों के अलावा खनन विभाग के जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
बताया जाता है कि बिहार से मोरंग लेकर ट्रक जिले के रास्ते यूपी में एंट्री करते हैं। यूपी में एंट्री के लिए इन ट्रकों को आईएसटीपी देना होता है, लेकिन बिना राजस्व शुल्क दिए अवैध तरीके से इन ट्रकों की एंट्री करा दी जाती थी। तरयासुजान के थानाध्यक्ष और बहादुरपुर चौकी के चौकी इंचार्ज के अलावा खनन विभाग के जिम्मेदारों की मिलीभगत से यह खेल चलता रहा। ट्रकों की एंट्री कराने में हाईवे पर सक्रिय गिरोह बुलेट ठकुराई की अगुआई में काम करता था।
एसपी केशव कुमार तक मामला पहुंचा तो शिकंजा कसना शुरू हुआ। खान अधिकारी अभिषेक सिंह की भूमिका पर सवाल उठा तो वह अवैध तरीके से इंट्री करने वाले ट्रक चालक व मालिकों पर प्राथमिकी दर्ज कराया। इसके अलावा इस खेल में शामिल गिरोह के 13 लोगों पर भी कार्रवाई हुई। एसपी ने गहराई से जांच कराने के बाद तरयासुजान थानाध्यक्ष रामसहाय चौहान और चौकी इंचार्ज विक्रम अजीत प्रताप राय को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद तरयासुजान थाने व बहादुरपुर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों में खलबली मची है।