पड़रौना। तरयासुजान पीएचसी पर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी का पोल सीएमओ के निरीक्षण में शुक्रवार को खुल गया। स्टाफ नर्स, एएनएम और स्वीपर का इलाज व दवा वितरण कर सीएमओ भी दंग रह गए। पूछने पर पता चला कि जिस डॉक्टर की तैनाती है वह खुद को एक पूर्व सांसद कर रिश्तेदार बताते हैं और सप्ताह में दो से दिन ड्यूटी करने आते हैं। इसके चलते इनकी शिकायत भी कोई नहीं करता है। सीएमओ की जांच में डॉक्टर समेत 11 स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गायब मिले, जिनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। तरयासुजान पीएचसी पर डॉक्टर समेत 14 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है। यहां आने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिलता है। आने वाले मरीजों का इलाज एएनएम, फार्मासिस्ट और स्वीपर मरीजों को दवा देते हैं। इसकी शिकायत अक्सर सीएमओ तक पहुंच रही थी। शुक्रवार को दिन में करीब दस बजे सीएमओ अचानक तरयासुजान पीएचसी पर पहुंच गए। वहां का नजारा देख दंग रह गए। ड्यूटी से डॉ. संजय यादव दो दिन से गायब मिले। डॉ. ओएन मिश्रा, फर्मासिस्ट अवध किशोर तिवारी, स्टाफ नर्स ज्योति कुमारी एक मई से अनुपस्थित मिले। एलटी अशोक कुमार वर्मा, काउंसलर संदीप सिंह तीन दिन से, रवि प्रताप सिंह तीन दिन से, आप्टोमेटिस्ट अमित राय, एएनएम रूकईया खातून,वार्ड ब्वाय विकास लाल श्रीवास्तव, स्वीपर रामध्यान गोड़ ड्यूटी से गायब मिले। स्टाफ नर्स अन्नू नेहा राव, एएनएम सरला सिंह और स्वीपर राहुल कुमार ड्यूटी पर तैनात मिले।
इसके बाद सीएमओ स्टोर, दवा वितरण कक्ष, प्रसव रजिस्टर की जांच की। आने वाले मरीजों से सीएमओ ने पूछे तो मरीजों ने बताया कि डॉक्टर कभी-कभी आते हैं। सीएमओ ने बताया कि शासन की मंशा है कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिले।