पडरौना। क्षेत्र के सिधुआ स्थान मंदिर परिसर में पहले दिन श्रीमद्भागवत की महिमा बताई गई। कथा वाचक आचार्य ब्रजेश ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कल्प वृक्ष के समान है। कथा के दौरान भगवान नारायण व माता लक्ष्मी की झांकी निकाली गई।
कथा वाचक ने कहा कि कथा का श्रवण पूरे मनोयोग से करने पर अपने साथ पितरों को भी मुक्ति मिलती है। कथा के श्रवण से मन से काम, क्रोध, मद, लोग, मोह व वासना का त्याग मन से होता है। उन्होंने कहा कि प्रभु कहते हैं कि सच्ची भक्ति करने के लिए मन का पवित्र होना जरूरी है। जिस माध्यम से शरीर स्वस्थ रहे कथा श्रवण में मन लगे तभी कथा सुननी चाहिए। मंदिर के महंत योगेश्वरनाथ ने प्रभु श्रीनारायण का पूजन कर कथा शुरू कराई। इस दौरान यजमान सुशील जायसवाल, नवीता जायसवाल, आलोक शुक्ला, शैलेश मिश्र, चिंटू पांडेय, चंदन दुबे आदि मौजूद रहे।