हाटा। ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से एथेनॉल प्लांट के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का विवाद खत्म नहीं हो रहा है। आए दिन किसी न किसी मामले को लेकर किसान और चीनी मिल के कर्मचारी आमने-सामने हो जाते है। बृहस्पतिवार की रात को भी किसानों और चीनी मिल के कर्मचारियों में झड़प हुई।
किसानों कहना है कि वे लोग अपने खेतों में गेंहू के फसल की बुवाई किए हुए है। चीनी मिल के कर्मचारी रात के अंधेरे में फसल को नष्ट करने वाले दवा का छिड़काव करा रहे थे। जानकारी होने पर जब किसान जुटे तो दवा छिड़क रहे लोग खेतों में ही मशीन छोड़ कर भाग खड़े हुए। किसानों की सूचना पर पुलिस भी पहुंची और किसानों को शांत कराया।
ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से मिल के बगल में एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया हुआ है, लेकिन किसान अपनी खेती की जमीन किसी भी कीमत पर चीनी मिल को देना नहीं चाहते है।
यही कारण है कि किसानों के अधिग्रहण के बाद भी अभी तक मुआवजे की धनराशि नहीं ली है। बीते एक दिसंबर को प्रशासन की मौजूदगी में चीनी मिल ने जमीन को कब्जा करने का प्रयास किया था। उस दौरान चीनी मिल के कर्मचारियों और पुलिस से किसानों की तीखी झड़प भी हुई थी।
जिसमें कुछ किसान घायल भी हुए थे। पुलिस ने इस मामले में 13 नामजद लोगों के साथ करीब 50 से अधिक किसानों पर मुकदमा दर्ज कर सात किसानों को जेल भेज दिया था।
दिसंबर में ही चीनी मिल के लोग जमीन पर लोहे की फेंसिंग लगाने का प्रयास करने के समय भी किसानों और चीनी मिल के कर्मचारियों में खूब ईंट पत्थर चले थे, लेकिन किसानों के फेंसिंग नहीं लगने दी। इसके बाद किसानों के खेतों में गेंहू की बुवाई कर दी थी।