मथौली। मोतीचक ब्लॉक क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के बनाए मसालों का स्वाद अब घर की रसोई से निकलकर बाजार तक पहुंच रहा है। समूह की महिलाएं स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के मसाले तैयार कर न सिर्फ अपने हुनर को पहचान दे रही हैं, बल्कि इससे उन्हें रोजगार और आमदनी का जरिया भी मिला है। उनके बनाए मसालों की जिले में बिक्री हो रही है और धीरे-धीरे बाजार में मांग भी बढ़ रही है।
क्षेत्र के जमुआन गांव की महिलाओं ने घर की रसोई में बनने वाले मसालों को रोजगार का जरिया बना लिया है। पंचशील प्रेरणा उत्पादक समूह से जुड़ी महिलाएं घर में ही हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, गरम मसाला, सत्तू, बेसन, हींग और नीम पाउडर समेत विभिन्न उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच रही हैं। उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता के कारण इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। समूह की अध्यक्ष अंजली पांडेय की देखरेख में करीब छह महिलाएं इस काम से जुड़ी हैं।
समूह ने करीब एक वर्ष पहले 75 हजार रुपये की लागत से कारोबार शुरू किया था। मांग बढ़ने के साथ अब करीब दो लाख रुपये की लागत से मसाले और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। समूह की महिलाओं के अनुसार कारोबार से प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये की बचत हो रही है। अंजली पांडेय ने बताया कि उत्पादों को पैक कर आस पास के बाजारों और शहर की दुकानों तक पहुंचाया जाता है।
शहरों में संचालित बिग बाजार और मार्ट से जितना ऑर्डर मिलता है, उसी अनुपात में माल तैयार किया जाता है। इसके अलावा आसपास के गांवों के लोग समूह की महिलाओं के घर से भी मसाले और अन्य उत्पाद खरीदकर ले जाते हैं। समूह से जुड़ी निर्मला देवी, प्रीति देवी, रंभा देवी, मनीता और निरमा देवी समेत अन्य महिलाएं मसाले तैयार करने, पैकिंग और बिक्री में सहयोग करती हैं। महिलाओं का कहना है कि घर के काम काज के साथ समूह के माध्यम से कारोबार से जुड़ने का मौका मिला है। इससे उन्हें रोजगार के साथ परिवार की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।