एकात्म मानववाद के प्रेरणा पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर राजनीति करने वाली बीजेपी प्रदेश से केंद्र तक सत्ता में है। परंतु, वर्ष 1967 में जिस परिवार ने पंडित दीनदयाल को अपनी झोपड़ी में सम्मान के साथ भोजन कराया था, उस परिवार को आज तक पक्का आवास नसीब नहीं हुआ।
पंडित जी को अपने हाथ से भोजन बनाकर खिलाने वाली महिला के तीन बेटे सब्जी बेचकर व ठेला लगाकर जीविका चला रहे हैं। प्रशासन से मदद नहीं मिलने के बाद अब कुछ लोग व्यक्तिगत तौर पर चंदा जुटाकर इस महिला का घर बनवाने का प्रयास कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ग्राम सभा खजुरी में 1967 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एक सभा आयोजित की गई थी। सभा के आयोजक रहे पिपरा बुजुर्ग निवासी व जनसंघ के नेता रहे रविंद्र पांडेय ने बताया कि अक्तूबर में दीनदयाल जी एक दिन पहले ही लक्ष्मीगंज निवासी जगदंबा के घर रात में रुके थे।