पडरौना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। इस बजट से जहां आम आदमी की उम्मदें परवान चढ़ीं तो वहीं कइयों की टूटी भी। वहीं कुछ इसके दूरगामी फायदे बता रहे हैं। आम बजट में टैक्स स्लैब बढ़ाने को कर्मियों ने अच्छी पहल करार दिया है, तो पुरानी पेंशन को लेकर सरकार की ओर से कोई राहत न देने पर शिक्षकों, कर्मचारियों की उम्मीदें टूट गई हैं।
इस बजट को लेकर हर वर्ग में खासा उत्साह रहा। जगह-जगह लोगों ने जैसे ही करीब 11 बजे बजट पर सदन में चर्चा शुरू हुई, लोग कहीं टीवी तो कहीं मोबाइल पर ही इसे देखने लगे। जीएसटी अधिवक्ता अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि बजट में मध्यम परिसर के लिए बड़ी घोषणा की गई है। 12 लाख तक की सालाना आय पर कोई आयकर नहीं देना होगा। लोग दस लाख रुपये तक की आय पर टैक्स से छूट की उम्मीद लगाए थे। वहीं बजट ने 25 लाख आय वालों को 1.10 लाख का फायदा दिया है। इनकम टैक्स फाइलिंग की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दिया गया है। उसे लोगों ने सरकार का एक बेहतर कदम बताया हैं।
किसान क्रेडिट लिमिट बढ़ाकर तीन से पांच लाख रुपये करने से किसानों को फायदा होगा। नई टैक्स नीति सरल है और इसका क्रियान्वयन आयकर दाताओं को लाभ देगा। उन्होंने कहा कि अब तक बजट की जो समीक्षा हुई है, उसमें सरकार घरेलू उत्पाद को लेकर बजट में प्राविधान करते हुए उत्पादन के लिए जरूरी मशीनों के आयात शुल्क में कमी कर दी है, जिससे लोकल फाॅर वोकल की सरकार की मंशा फलीभूत होगी। गरीब, युवा, महिला, किसानों की बेहतरी पर फोकस किया गया है। फार्म ग्रोथ, ग्रामीण विकास, मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही फाइनेंशियल सेक्टर के रिफॉर्म पर ध्यान दिया गया है।