तमकुहीराज (कुशीनगर)। चंडीगढ़ की रहने वाली फौजी की विधवा ने तमकुहीराज थाना क्षेत्र के एक युवक पर धोखे से शादी करने और साढ़े आठ लाख रुपये ऐंठ लेने का आरोप लगाया है। ये रुपये उसके फौजी पति की मृत्यु के बाद मुआवजे के रूप में मिले थे। महिला ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से युवक से दोस्ती हुई और बात शादी तक पहुंच गई। आरोपी महिला से कोर्ट मैरिज कर पति के रूप में साथ रहा। अब दूसरी शादी कर उसे साथ रखने से इन्कार कर रहा है। उसने अपने दूसरे पति के खिलाफ तमकुहीराज पुलिस को तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस मामले में आरोपी पति और सास के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना में जुट गई है।
तमकुहीराज थानाक्षेत्र के गाजीपुर निवासी मनोज राजभर पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाने वाली चंडीगढ़ से आई महिला शनिवार को थाने पहुंचकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। घटना की जानकारी के बाद थाने पहुंचे कुछ लोगों के हस्तक्षेप पर पुलिस ने महिला की रजामंदी से दो दिन का समय दिया है। बातचीत के बाद भी मामला नहीं सुलझ पाया।
पीड़ित महिला का आरोप है कि वह एक फौजी की विधवा है तथा चंडीगढ़ में रहती है। विधवा का आरोप है कि पति की मृत्यु के करीब एक साल बाद गाजीपुर निवासी मनोज राजभर से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती हुई। बातचीत के क्रम में आरोपी फौजी की विधवा पत्नी को शादी के लिए मनाने लगा और पहले पति से दोनों बच्चों को भी अपनाने को राजी हो गया। आरोपी युवक ने झांसे में लेकर उससे कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद पति के रूप में साथ रहने के बाद गांव आया तो वापस नहीं गया। पीड़ित महिला ने आरोपी युवक पर घर बनाने और अन्य खर्चे के नाम पर विभिन्न तिथियों में करीब साढ़े आठ लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है।
पीड़ित महिला खोजबीन करते जब दूसरे पति के गांव पहुंची तो कुछ दिन पूर्व ही उसकी दूसरी शादी की जानकारी गांव लोगों ने दी। महिला ने पुलिस को तहरीर सौंपकर कार्रवाई की गुहार लगाई। गांव के लोगों के हस्तक्षेप के बाद इस मामले को सुलझाने के लिए दो दिन का समय महिला से मांगा गया। उसके बाद भी मामला सुलझ नहीं सका। बुधवार को पुलिस आरोपी मनोज राजभर और उसकी मां के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुट गई है। तमकुहीराज इंस्पेक्टर अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि एक पत्नी के रहते दूसरी शादी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।